मथुरा में नगर निगम के वार्ड नंबर 10 की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई थी। न्यायालय ने सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान विजयी भाजपा प्रत्याशी का जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाया।
इस पर कोर्ट ने प्रत्याशी का चुनाव शून्य घोषित कर दिया। साथ ही दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी सत्यनारायन को विजयी घोषित कर दिया। भाजपा प्रत्याशी ने इस सीट पर 42 वोटों से जीत हासिल की थी।
वर्ष नवंबर 2017 में नगर निगम के वार्ड संख्या 10 की आरक्षित सीट से भाजपा से सुरेश धनगर, कांग्रेस से सत्यनारायन, बसपा से चन्द्रपाल और रालोद से वीरी सिंह ने चुनाव लड़ा था।
42 वोटों से हासिल की थी जीत
चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को 1202 तथा कांग्रेस के प्रत्याशी को 1160 वोट मिले थे। भाजपा प्रत्याशी 42 मतों से जीते थे। कांग्रेस प्रत्याशी ने इस चुनाव पर अपना विरोध व्यक्त करते हुए कोर्ट की शरण ली।
उनका कहना था कि भाजपा प्रत्याशी का जाति प्रमाणपत्र फर्जी है। जिला जज न्यायालय में याचिका दाखिल करने के बाद मामले की सुनवाई एडीजे अष्टम राम प्रकाश पांडे की कोर्ट में चल रही थी।
सोमवार को न्यायालय ने निर्णय देते हुए सुरेश धनगर का जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाते हुए चुनाव शून्य घोषित कर दिया। वहीं, 72वें नगर निगम अधिनियम के तहत सत्यनारायण को विजयी घोषित कर दिया।
वादी के अधिवक्ता प्रेम प्रकाश ने बताया कि न्यायालय ने भाजपा प्रत्याशी का चुनाव शून्य घोषित कर दिया है। साथ ही कांग्रेस प्रत्याशी रहे सत्यनारायन को विजयी घोषित कर दिया है। अब संबंधित अधिकारी द्वारा उन्हें पार्षद पद की शपथ दिलाई जाएगी।
सत्यनारायन सहित कांग्रेसियों ने किया हर्ष व्यक्त
सत्यनारायन ने कहा कि इसका विरोध उन्होंने शुरुआत में ही किया था, परंतु चुनाव अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि उन्हें जीत मिलने पर खुशी है। वहीं कांग्रेस के पार्षद दल के नेता उमेश भारद्वाज ने कहा है कि उन्हें सत्यनारायन की जीत से हार्दिक प्रसन्नता है।