यूपी पंचायत चुनाव 2021 (फाइल फोटो)
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फिरोजाबाद जिले में जिला पंचायत सदस्य एवं क्षेत्र पंचायत सदस्यों का निर्वाचन संपन्न होने के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ नौ ब्लॉकों की प्रमुखी के लिए संभावित दावेदारों ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। सदस्यों से मिलकर उनको अपने पक्ष में करने के लिए हर हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। संभावितों ने एक दूसरे पर सदस्यों को ले जाने का आरोप भी लगाना शुरू कर दिया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के साथ ब्लॉक प्रमुख के चुनावों में हमेशा ही धनबल एवं जनबल का प्रयोग होता रहा है। वर्तमान में समाजवादी पार्टी (सपा) के 12 सदस्यों के जीतकर आने के बाद सपा इस कुर्सी पर अपनी दावेदारी को मजबूत मान रही है। बागियों के साथ अन्य दलों और निर्दलियों से संपर्क साधने का काम भी चल रहा है।
जिला पंचायत चुनाव में मात्र तीन सीटें जीतने वाली भाजपा के एक बड़े नेता ने अपने परिवार के जीते हुए सदस्य को अध्यक्ष बनाने के लिए गोलबंदी करना शुरू कर दी है। बसपा के साथ अन्य निर्दलीयों से संपर्क करने के साथ ही उनके पास अपने दूतों को भेजने का काम किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार कई जीते हुए जिला पंचायत सदस्यों के मोबाइल नंबर इस समय बंद है।
इसके पीछे कारण यह हैं कि वह बिल्कुल एकांतवासी हो गए हैं। जानकारों का मानना है कि वह अपनी अहमियत बढ़ाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। साथ ही नौ ब्लॉकों में प्रमुखी को लेकर भी क्षेत्र पंचायत सदस्यों से संपर्क करना शुरू हो गया है। कुछ ब्लॉकों में सपा कब्जाने का प्रयास कर रही है। अधिकांश ब्लॉकों में भाजपा के नेता ही भाजपा नेताओं के खिलाफ ताल ठोंकने की तैयारी में हैं।