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अमेरिका को भा रहीं ब्रज में तैयार कान्हा की पोशाक, करोड़ों के कारोबार को लगा कोरोना का ग्रहण

Wed, 12 Aug 2020 04:22 PM IST
आगरा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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ठाकुर जी पोशाक - फोटो : अमर उजाला
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भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में अब चंद दिन बाकी हैं। देश और दुनिया के लोग अपने कृष्ण कन्हैया के शृंगार की तैयारियों में जुट गए हैं। ठाकुरजी के लिए नई पोशाक, मुकुट, बिछौना खरीदे जा रहे हैं। ब्रजभूमि के बाजारों से इनकी खरीद ऑनलाइन की जा रही है। वृंदावन के बाजार में यूएसए से सबसे अधिक डिमांड है।
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इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार 12 अगस्त को मनाया जाएगा। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। लोग ठाकुरजी के लिए शृंगार का सामान खरीद रहे हैं। इस बार कोरोना संक्रमण को देख बड़ी संख्या में लोगों ने घरों पर ही ठाकुरजी की पोशाक तैयार कर ली हैं।

ऐसे भक्त भी बहुत हैं, जो भगवान की लीला स्थली वृंदावन से ही उनकी पोशाक मंगा रहे हैं। इसमें ऑनलाइन खरीद हो रही है। देश में सबसे अधिक डिमांड दिल्ली, मुंबई और कोलकाता से है, जबकि विदेशी धरती से सर्वाधिक डिमांड यूएसए से आ रही है। कनाडा के भक्त कन्हैया की पोशाक खरीद में दूसरे स्थान पर हैं। आस्ट्रेलिया और लंदन की डिमांड भी है।
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पोशाक - फोटो : अमर उजाला
80 करोड़ का कारोबार 5 से 8 प्रतिशत पर सिमटा
कोरोना संक्रमण ने वृंदावन में ठाकुरजी की पोशाक बनाने के कारोबार को चौपट कर दिया है। जानकारों का कहना है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के साथ आम दिनों में यह कारोबार 60 से 80 करोड़ तक चला जाता था, जो अब सिर्फ 5 से 8 प्रतिशत तक ही सिमट कर रह गया है। इस साल पर्यटनों का ब्रज दर्शन को न आना इस कारोबार के लिए सबसे नुकसानदेय रहा है।

हाथ पर हाथ रखकर बैठे हैं 5 हजार कारीगर
ठाकुरजी की पोशाक से जुड़े कारीगरों की संख्या यहां करीब 5 हजार बताई जाती है। इसके कारखाने भी यहां घर-घर में थे, जो अब काम के अभाव में हाथ पर हाथ रखकर बैठे हैं।

स्थिति इस कदर खराब है कि उनके पास इतना भी पैसा नहीं है कि वे शृंगार से जुड़ा सामान तैयार कर सकें। बाजार में दुकानदार भी ग्राहक के अभाव में नए सामान की खरीद करने को तैयार नहीं है।
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कोरोना संक्रमण ने कारोबार खत्म कर दिया है। कोई खरीदारी नहीं हो रही है। दुकान और बाजार भी नहीं खुल रहे हैं। ग्राहक ही नहीं आ रहा है। एकाद डिमांड आ जाए तो उसे भेज दिया जाता है। - विपिन मुकुट वाले

पिछले साल के मुकाबले इस बार बाजार में सिर्फ ऑनलाइन खरीदारी बची है। यह बमुश्किल से पांच प्रतिशत ही पिछले साल के मुकाबले होगी। ऑनलाइन डिमांड जहां से आ जाती है उसे भेज दिया जाता है। - राजकुमार मुकुट वाले

ऑनलाइन खरीदारी में यूएस की डिमांड सबसे अधिक आ रही है। इसके बाद कनाडा के कृष्ण भक्त मथुरा-वृंदावन से ठाकुरजी की पोशाक मंगा रहे हैं। लंदन, आस्ट्रेलिया को भी ठाकुरजी की पोशाक जा रही है। - योगेश अग्रवाल

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