मंदिर में घंटे घड़ियाल बज रहे थे तथा चहुंओर ललिता सखी व राधारानी के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज रहा था। ललिता सखी के दर्शन पाने को श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा था। इस दौरान गुर्जर समुदाय के लोगों द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया। लोक नृत्य को देखकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।
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ऐसा लगने लगा की द्वापरकालीन लीलाओं का साक्षात्कार हो रहा हो। जन्म से पहले अनुराग सखी द्वारा मंदिर परिसर में बधाई पद गाए गये। इस मौके पर ब्रजाचार्य पीठ के ललिता पीठ के पीठाधीश्वर गोस्वामी कृष्णनंद तैलग, ब्रजाचार्य पीठ के पीठाधीश्वर गोस्वामी उपेंद्र नारायण भट्ट, ब्रजाचार्य पीठ के प्रवक्ता घनश्यामराज भट्ट आदि ने ललिता सखी के अभिषेक कार्यक्रम में भाग लिया।
अभिषेक को लेकर सेवायतों में चले लात-घूंसे
ललिता सखी के जन्मोत्सव के दौरान सेवायतों में अभिषेक को लेकर झगड़ा हो गया। इस दौरान अभिषेक के चलते सेवायतों में सरेआम लात घूंसे चले। अव्यवस्था के चलते श्रद्धालुओं को भी धक्के लगे। ललिता सखी के जन्मोत्सव में हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेने आते है, लेकिन पुलिस प्रशासन का कोई व्यक्ति मंदिर परिसर में मौजूद नहीं रहता।