एटा के मलावन थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन जवाहर तापीय परियोजना में बिहार के एक मजदूर की वाटर सप्लाई टैंक में डूबने से मौत हो गई। करीब आधे घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन में उसका शव निकाला गया। परिजन ने 50 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग रख दी। कंपनी के अधिकारियों और मजदूरों में देरशाम तक बातचीत होती रही। इस बीच परिजन ने शव को उठाने नहीं दिया।
बिहार के रोहताश जिले के नौहाता थानांतर्गत गांव जयंतीपुर निवासी विनेश और उसका भाई रामलाल यहां तापीय परियोजना में मजदूरी करने के लिए करीब छह महीने पहले आए थे। अन्य दिनों की तरह ही शनिवार दोपहर करीब 2 बजे जब लंच हुआ तो मजदूर खाने के लिए एकत्रित हुए, लेकिन विनेश नहीं पहुंचा। इस पर रामलाल व अन्य मजदूर तलाश करने गए। शाम करीब 3:30 बजे एक वाटर सप्लाई टैंक के मेन होल से झांककर देखने पर हेलमेट पानी में बहता नजर आया। इसकी जानकारी परियोजना प्रशासन को दी गई।
30 फीट नीचे तल में नजर आया शव
इसके बाद अधिकारियों ने टीम लगाकर करीब 4 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया। टैंक से पूरा पानी निकाला गया। इसके बाद मजदूरों को इसके अंदर भेजा गया तो करीब 30 फीट नीचे तल में विनेश का शव वहां नजर आया। जिसे बाहर निकाल लिया गया। करीब आधे घंटे तक यह ऑपरेशन चला। शव बाहर आने के बाद मजदूरों ने मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस को सूचना दी गई, जिस पर मलावन सहित तीन थानों का पुलिसबल पहुंच गया। कंपनी के अधिकारी पांच लाख रुपये मुआवजे की बात कह रहे थे। जबकि परिजन व अन्य मजदूर 50 लाख की मांग कर रहे थे।
कैसे गिरा टैंक में?
जवाहर तापीय परियोजना के मुख्य अभियंता हनुमान प्रसाद ने बताया कि मजदूर की मौत किस तरह हुई है, अभी यह पता नहीं लग सका है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान उसका शव टैंक से निकाला गया है। मुआवजे के लिए परिजन व श्रमिकों को समझाकर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है।