आगरा के बालूगंज स्थित आईजी-डीआईजी के बंगले के जमीन के कुछ हिस्से की जमीन का इकरारनामा करने वालों में एक आरोपी दिलशाद खां को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस जमीन का दो बार इकरारनामा किया गया। तहसील सदर में हेरफेर करके नामांतरण भी कराया गया था।
छह बीघा से अधिक है जमीन
बालूगंज में बंगला छह बीघे से अधिक जमीन में है। नजूल की भूमि के साथ एक खेवट भी है। खेवट में पहले हबीब उर रहमान का नाम दर्ज था। पहले हबीब उर रहमान का नाम हटा खलीलुल रहमान का नाम जुड़ा। खलीलुल रहमान की मृत्यु के बाद मार्च 2024 में इकबाल खां, फिरोज खां, मोहम्मद सलीम खां, फैसल खां, इरशाद खां व दिलशाद खां के नाम जोड़े गए।
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दर्ज हुए दो केस
आरोपियों ने वर्ष 2020 में दयालबाग निवासी राकेश कुमार और उनके दोस्त के नाम दो एग्रीमेंट किए थे। नामांतरण के बाद जून 2024 में तीसरा एग्रीमेंट बिग डैडी फर्म के सौरभ बंसल और शाहिद रजा के नाम किया गया। इसके बाद राकेश कुमार ने कोर्ट के आदेश पर नाई की मंडी थाने में 15 मई 2025 को दो केस दर्ज कराए।
इनके नामजद है मुकदमा
मुकदमों में इकबाल खां, इरशाद खां, फिरोज खां, दिलशाद खां, फैसल खां और क्रेता सौरभ बंसल, शाहिद रजा नामजद हैं। जानकारी के बाद सौरभ बंसल ने खुद पीड़ित बनकर रकाबगंज थाने में अपने दोस्त सनी जैन, कपिल अग्रवाल और प्रशांत जैन के विरुद्ध केस दर्ज कराया था। नाई की मंडी पुलिस ने अपने यहां दर्ज केस में बड़ी अथाई, नाई की मंडी निवासी दिलशाद खां को गिरफ्तार किया है। वह जूता व्यापारी है।