विधानसभा चुनाव के पहले चरण में भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। ब्रज में शामिल आगरा, मथुरा और अलीगढ़ सहित 11 जिलों की 58 में 53 सीटों पर 2017 में कमल दल को एतिहासिक सफलता मिली थी। जबकि बसपा और सपा को दो-दो और रालोद को एक सीट मिली थी। इस बार भाजपा के लिए पुराना प्रदर्शन दोहराना एक बड़ी चुनौती है।
आगरा की बात करें तो ये पहले चरण में सबसे ज्यादा सीटों वाला जिला है। यहां नौ विधानसभा सीटें हैं। सभी भाजपा को मिली थीं। मथुरा में पांच सीट हैं, जिनमें चार भाजपा और एक बसपा को मिली थी। अलीगढ़ में सात सीटे हैं सातों भाजपा के पास थीं। बुलंदशहर में सात में से सात और नोएडा में तीन में तीन, गाजियाबाद में पांच से पांच सीटें 2017 में भाजपा को मिली थीं।
मेरठ की सात में छह सीट भाजपा और एक सपा को मिली थी। मुजफ्फरनगर की छह में से छह और हापुड़ की तीन में दो भाजपा और एक बसपा को मिली थी। बागपत की तीन सीट में से दो पर भाजपा और एक छपरौली रालोद के खाते में आई थी। शामली में एक सपा व दो भाजपा को मिली थीं। इस तरह पहले चरण में शामिल 58 में 53 सीट भाजपा, दो सपा, दो बसपा और एक रालोद को मिली थी।