आगरा के जिला अस्पताल में मोतियाबिंद आपरेशन को आने वाले मरीजों के लिए खुशखबरी है। यहां राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत फेको मशीन से मरीजों के आपरेशन होंगे। आपरेशन की विधि जानने के लिए नेत्र सर्जन चित्रकूट में प्रशिक्षण ले रहे हैं। जिला अस्पताल में साल भर में 4500-5000 मरीजों के मोतियाबिंद आपरेशन होते हैं।
यहां आगरा सीमा रेखा से जुड़े राजस्थान और मध्यप्रदेश के मरीज भी आपरेशन को पहुंचते हैं। फेको मशीन लगने से इन मरीजों के लिए बड़ी राहत होगी। सीएमएस डा. सुबोध कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत मशीन लगाई जाएंगी। आपरेशन की विधि के लिए डाक्टर प्रशिक्षण ले रहे हैं। जल्द सुविधा शुरू होगी।
प्रशिक्षण लेने गए जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन डा. आनंद उपाध्याय ने बताया कि मोतियाबिंद के आपरेशन के लिए अभी चार मिलीमीटर का छेद करना पड़ता है, फेको मशीन से ये 2.8 मिमी रह जाएगा। इससे घाव जल्द भरेगा, संक्रमण का खतरा कम रहता है। मरीज की रोशनी जल्दी और नजर बेहतर रहती है।