आधार कार्ड में संशोधन के लिए अब आमजन को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिले में नौ नए आधार केंद्र खोलने की तैयारी है। इन केंद्रों के स्थान का प्रस्ताव स्थानीय जनप्रतिनिधि डाक विभाग को सौंपेंगे, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से सुविधा उपलब्ध हो सके। माना जा रहा है कि इससे वर्तमान केंद्रों की मनमानी पर भी अंकुश लगेगा।
हाल ही में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में डाक विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में आधार केंद्रों के संचालन पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। समीक्षा में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पोस्ट ऑफिस स्थित केंद्रों पर प्रतिदिन केवल 30 से 35 लोगों के ही संशोधन किए जा रहे हैं, जबकि कतारें काफी लंबी होती हैं।
समिति के अध्यक्ष एवं सांसद राजकुमार चाहर ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि केंद्रों पर आने वाले प्रत्येक नागरिक का आधार संशोधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमित संख्या का बहाना बनाकर किसी भी व्यक्ति को बिना कारण वापस न भेजा जाए। बढ़ती भीड़ और केंद्रों की कमी को देखते हुए नए केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। नए केंद्र उन क्षेत्रों में खुलेंगे, जहां आबादी अधिक है और वर्तमान में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। केंद्रों के चयन के लिए जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं, ताकि उनकी अनुशंसा पर सही स्थान का चयन हो सके।