जिले में 2957 परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इसमें 2,45,660 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध, श्रम विभाग आदि के विद्यालयों को मिलाकर (सीबीएसई-आईसीएसई को छोड़कर) कुल 3,03198 विद्यार्थी बेसिक स्कूलों में पंजीकृत हैं। इन विद्यालयों में सुरक्षा के जरा भी इंतजाम नहीं हैं। कई विद्यालयों की बाउंड्रीवॉल ही नहीं है। सीसीटीवी कैमरे लगाना तो दूर स्कूलों में बिजली, पंखे तक की व्यवस्था नहीं है। इनमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक की तैनाती नहीं की गई हैं।
यूपी बोर्ड के तहत जिले में 734 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इसमें कुल 298688 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। अधिकतर विद्यालयों में बाउंड्रीवाल तो है, लेकिन सीसीटीवी कैमरा एक-दो स्कूलों को छोड़कर किसी में नहीं है। राजकीय और सहायता प्राप्त स्कूलों के मरम्मत के लिए बजट नहीं है। सभी विद्यालयों में चौकीदार नहीं हैं। कई विद्यालयों की बाउंड्रीवाल भी टूटी है। इस तरह बेसिक और माध्यमिक को मिलाकर 3691 विद्यालयों के 6,01,886 विद्यार्थी सुरक्षित नहीं हैं। इन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या अलग है।
यूपी बोर्ड के विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या
कक्षा 09 - 72796
कक्षा 10 - 88320
कक्षा 11 - 61421
कक्षा 12 - 76151
कुल - 298688
परिषदीय स्कूलों की दशा
प्राथमिक उच्च प्राथमिक कुल
1,93172 52488 2,45,660
परिषदीय बेसिक स्कूलों में सुरक्षा के संबंध में कोई अलग से निर्देश नहीं प्राप्त हुआ है। शासन स्तर से बजट प्राप्त होने पर ही सीसीटीवी कैमरे लगवाना संभव होगा।
- गिरजेश चौधरी, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक)
परिषदीय स्कूलों में सुरक्षा के नाम स्थिति ‘जीरो’ है। चोरी रोकने के लिए चौकीदार तक की व्यवस्था नहीं है, बड़े हादसे रोकने के इंतजाम की बात दूर रही। सरकार को इस पर काम करना चाहिए।
- राजेंद्र सिंह राठौर, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ
इन सुरक्षा मानकों पर स्कूलों की रेटिंग करेगी पुलिस
- सीसीटीवी कैमरे लगे हैं या नहीं, अगर हैं तो कितने?
- बाउंड्री कितनी ऊंची है, कहीं से टूटी हुई तो नहीं हैं?
- कुल गार्ड कितने हैं, किस-किस जगह पर तैनात हैं?
- क्या चौकीदार और ड्राइवरों का सत्यापन कराया गया है?
- स्कूल आने वाले लोगों की रजिस्टर में एंट्री होती है या नहीं?
(नोट : इन मानकों पर जिले के 70 आईसीएसई और सीबीएसई में से अधिकतर स्कूल और यूपी बोर्ड के दो-चार स्कूलों ही खरे उतर सकते हैं।)