पीड़ित किशोर और उसके परिजन
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28 अक्तूबर को शाम परिजन दीपक को सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। जहां स्टाफ ने उसकी जांघ में फंसे स्टील के टुकडे़ को निकाले बिना टांके लगा दिए और घर भेज दिया। दीपक के चचेरे भाई नितिन राठौर ने बताया कि दीपक उठ नहीं पा रहा था।
गुरुवार को एक्स-रे कराया तो उसमें स्टील के गिलास का टुकड़ा स्पष्ट दिख रहा है। शुक्रवार को घरवाले फिर से दीपक को ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। वहां पूरा मामला बताया। यहां चिकित्सक ऑपरेशन करने की बात कह रहे हैं। दीपक को वार्ड में भर्ती करा दिया गया है।
इस प्रकार का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो लापरवाही है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। कौन चिकित्सक ड्यूटी पर थे, टांके किसने लगाए। यह पूरा मामला देखा जाएगा।- डॉ. एसके दीक्षित, सीएमओ