कोरोना वायरस से जूझ रहे आगरा में स्वास्थ्य विभाग की एक और लापरवाही सामने आई है। 68 संक्रमितों की गलत रिपोर्ट शासन के पोर्टल पर भेज दी गई, जबकि ये लोग पहले से ही संक्रमित थे। इससे आगरा में संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ गया। इसका खुलासा होने के बाद बुधवार को प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने जिलाधिकारी प्रभु एनसिंह को जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
लखनऊ से आने वाली कोरोना सैंपल टेस्ट रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) यूनिट में दर्ज होती हैं। जालमा संस्थान और एसएन मेडिकल कॉलेज की सैंपलिंग रिपोर्ट भी सीधे यहां आती हैं। यहां से इन्हें जिला अस्पताल भेजा जाता है। फिर इन्हें शासन के कोविड पोर्टल पर अपलोड किया जाता है।
एक संक्रमित की एक बार ही बनती है आईडी
प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि 68 संक्रमितों की गलत आईडी बनाकर दो बार रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की गई। जबकि वो पहले से संक्रमित थे। उनके रिपीट सैंपल हुए थे। एक संक्रमित की एक बार ही आईडी बनती है। इस तरह शासन के पोर्टल पर 68 संक्रमितों की गलत रिपोर्ट दर्ज हो गई।