प्रभारी कुलपति ने बताया कि बीएएमएस की कॉपियां बदलने का खेल दो साल से चल रहा था। खबरी ने पूर्व कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को इसकी जानकारी दी थी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में बीएएमएस की कॉपी बदलने की जांच एसटीएफ कर रही है। ऐसे में इस मामले को लेकर प्रभारी कुलपति ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि ये पूर खेल दो साल से चल रहा था। इसकी जानकारी पूर्व कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को भी थी।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. विनय पाठक ने बताया है कि मेडिकल की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने का खेल दो साल से भी अधिक समय से चल रहा है। इसकी जानकारी खबरी ने पूर्व कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को भी दी थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।खंदारी परिसर स्थित अतिथि गृह में मीडिया से मुखातिब प्रभारी कुलपति प्रो. पाठक ने बताया कि उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया था, उसने बताया कि कर्मचारी की सांठगांठ से बीएएमएस की कॉपियां छलेसर कैंपस के पास बने जंगल में बदली जाती हैं। इस पर प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा को जांच करने के लिए भेजा, लेकिन उन्हें ऐसा कुछ नहीं मिला।
जानकारी देने वाले व्यक्ति को फोन कर बताया कि वहां तो कुछ नहीं मिला। इस पर उसने बताया कि पक्की खबर है, ये खेल दो-तीन साल से चल रहा है। इसकी जानकारी पूर्व कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को भी दी थी, लेकिन कोई जांच नहीं हुई। प्रो. पाठक ने बताया कि इस पर प्रो. संजीव शर्मा को दूसरे दिन फिर भेजा और संविदाकर्मी देवेंद्र को पकड़ा। पुलिस के आला अधिकारियों को जानकारी देते हुए मुकदमा दर्ज कराया।