आगरा से नकली और नशे की दवाओं का जाल पंजाब से पश्चिम बंगाल तक फैला है। इस खुलासे के बाद पुलिस अब तक सात लोगों को जेल भेज चुकी है। वहीं अब माफिया पर शिकंजा कसने की तैयारी है।
आगरा शहर में नशे और नकली दवाओं का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। पंजाब से पश्चिम बंगाल तक दवाओं का अवैध कारोबार पकड़ा जा चुका है। अब पुलिस ने दवा माफियाओं पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इसमें पहला नाम दवा माफिया विजय गोयल का है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की नई धारा 170 में संपत्ति को चिह्नित कर जब्त किया जाएगा। इसकी पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
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आईकॉन सिटी, मघटई निवासी विजय गोयल के खिलाफ जुलाई 2023 में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई की थी। सिकंदरा और बिचपुरी क्षेत्र में नकली ओर नशे की दवाओं की फैक्टरी पकड़ी थीं। इन्हें विजय गोयल संचालित कर रहा था। इस मामले में थाना सिकंदरा और जगदीशपुरा में मुकदमे दर्ज किए गए थे। विजय गोयल, नरेश शर्मा सहित सात लोगों को जेल भेजा गया था।
फरवरी में विजय गोयल जमानत पर बाहर आया था। चार महीने बाद ही वह सिकंदरा के औद्योगिक क्षेत्र में नकली दवाओं की फैक्टरी संचालित करने लगा। दवाएं तैयार करने के बाद दूसरे जिलों में सप्लाई हो रही थीं। उसने मशीनें लगा रखी थीं। कर्मचारी नकली-नशे की दवाएं तैयार करते थे। अक्तूबर में पुलिस ने छापा मारा था। विजय गोयल सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया।