शहरी विकास मंत्रालय की रेटिंग में देश भर में आगरा की भरतपुर हाउस रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को यूं ही चौथा पायदान हासिल नहीं हुआ। कालोनी के लोगों की पहल और जागरूकता ने उन्हें ये मुकाम दिलाया है। केवल सफाई ही नहीं, बल्कि भरतपुर हाउस कालोनी सड़क, सुरक्षा और व्यवस्थाओं में भी शहर की दूसरी पॉश कालोनियों से कहीं आगे है और अनूठे प्रयोग करती रही है। शहर में पहली बार किचन के कूड़े को फेंकने की जगह भरतपुर हाउस में खाद बनाने का प्लांट लगाया जा रहा है, जिसमें कूड़े से महज 24 घंटे में ही खाद बना दी जाएगी और इसे कालोनी के पार्क में प्रयोग किया जाएगा।
भरतपुर हाउस कालोनी में प्रवेश और निकास के अलग गेट हैं और पूरी कालोनी सीसीटीवी के दायरे में है। नाइट विजन कैमरों के साथ हर कोना कैमरे में कैद होता रहता है। एसोसिएशन ने ही यहां अपने खर्च पर आरसीसी की रोड बनवाई है। रोड में डक्ट का प्रावधान किया गया है ताकि बार बार खोदाई न करनी पड़े। बिजली, फोन, सीवर के लिए अलग से लाइनें डाली गई हैं। ऑटोमेटिक रोड क्लीनर से कालोनी की सड़कों की सफाई होती है, जो रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने ही खरीदा है। कालोनी के तीन पार्कों में से एक बच्चों के लिए है और इसमें टर्फ के साथ झूले लगाए गए हैं। बाकी दो पार्क हरे भरे रखे गए हैं और रेन वाटर हार्वेस्टिंग का कामयाब नमूना हैं।
रसोई से निकलने वाले कूड़े को अब फेंका नहीं जाएगा, बल्कि उससे खाद बनाई जाएगी। यह खाद कालोनी के पार्क में ही उपयोग होगी। अगले महीने तक डिस्पोजल यूनिट लगा दी जाएगी। निगम की दिक्कतें भी इससे कम होंगी।
पूरन डावर
निवासी, भरतपुर हाउस
कालोनी के लोग सफाई पसंद होने के साथ हर समस्या के हल के लिए आगे रहते हैं। जो नियम कालोनी में लागू हैं, लोग उनका पूरा पालन कर सहयोग देते रहे हैं। उनकी जागरूकता ने ही हमें देश में चौथे नंबर की कालोनी का निवासी बनाया है।
चरनजीत थापर
अध्यक्ष, रेजीडेंट वेलफेयर एसो.