गोहरा के अखिल भारतीय कुश्ती दंगल में आखिरी कुश्ती के लिए हाथ मिलाते भारत केसरी रामेश्वर एवं द
- फोटो : संवाद
बाह। जैतपुर के गोहरा गांव में बृहस्पतिवार को अखिल भारतीय कुश्ती दंगल में लड़ी गई 100 से ज्यादा कुश्तियों में पहलवानों ने अपने दांव पेच से दर्शकों का मनोरंजन किया। आखिरी कुश्ती हाथरस के भारत केसरी पहलवान रामेश्वर ने दिल्ली के पहलवान सुमित को पटखनी देकर दंगल एवं 51 हजार रुपये का पुरस्कार जीत लिया।
दिल्ली के भारत पहलवान एवं गाजियाबाद के अमित पहलवान ने एक दूसरे को चित करने के लिए अपना हर दांव आजमाया, लेकिन कामयाब नहीं हुए। 21 हजार के इनाम के लिए दो कुश्तियां हुईं। पहली कुश्ती में लड़े अयोध्या के बाबा लाड़ी ने गाजियाबाद के सनी पहलवान को पटखनी दी। दूसरी कुश्ती फिरोजाबाद के विक्रम पहलवान और बरहा के सूरज पहलवान के बीच बराबरी पर छूटी। जबकि 15 हजार रुपये के इनाम के लिए मुरैना मध्य प्रदेश के भवानी पहलवान एवं नगला गुलाल फिरोजाबाद के नकुल पहलवान के बीच कुश्ती बराबर रही। 11 हजार रुपये के इनाम के लिए दो कुश्ती हुई। पहली कुश्ती बरहा के पार्थ पहलवान एवं संभल के अर्जुन पहलवान तथा दूसरी कुश्ती महुआ मुरैना के राजा पहलवान एवं दिल्ली के नीरज पहलवान के बीच बराबर पर छूटी। गोहरा के अभिमन्यु ने फिरोजाबाद के अनुज को पटखनी दी। इससे पहले दंगल का उद्घाटन अवधेश यादव ने एवं समापन गोहरा के पूर्व प्रधान राकेश यादव ने किया। मुख्य अतिथि राघव ऋषि महाराज, निर्णायक रामकुमार खलीफा एवं संचालक कुलदीप भदौरिया रहे। इस दौरान दंगल कमेटी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, चंद्रकिशोर यादव, बल्ली यादव, सुभाष यादव, रंजीत चौधरी, नरेश भगत, मोहकम सिंह, महेश, स्लेटी राम, प्रहलाद सिंह, मुनेश पहलवान आदि रहे।
इंसेट
खुशी को पटखनी नहीं दे पाया पुरुष पहलवान
दाऊजी मथुरा की पहलवान खुशी परिहार के सामने दंगल में लड़ने के लिए कोई महिला पहलवान नहीं थी। लिहाजा 5100 रुपये इनाम के लिए खुशी परिहार चौरंगाहार के आदित्य पहलवान से भिड़ गई। करीब 20 मिनट चली कुश्ती में आदित्य पहलवान खुशी परिहार को पटखनी नहीं दे पाए। आखिर में दोनों के बीच कुश्ती बराबरी पर छूटी। खुशी परिहार ने पिछले साल नेशनल गेम्स में कुश्ती का सिल्वर मेडल जीता था। स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर में रह कर कुश्ती के दांव पेच सीख रही खुशी पहलवान के हौसले के लिए दर्शकों ने खूब तालियां बजाई।