आगरा जिले के गांव श्यामो के युवक के बैंक खाते से चार बार में 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। इसके लिए न कोई कॉल किया और न ही कोई ओटीपी पूछा गया। यहां तक कि पीड़ित को कोई लिंक भी नहीं भेजा गया। इस मामले में पुलिस से शिकायत की गई है। उधर, फाइनेंसकर्मी के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर रुपये मांगे गए। इस मामले में फाइनेंसकर्मी की सतर्कता से धोखाधड़ी बच गई।
ताजगंज के गांव श्यामो निवासी मनोज कुमार का नेहरू एन्क्लेव स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में खाता है। मनोज के मुताबिक, 22 अक्तूबर की रात 10:23 बजे मोबाइल पर दो मैसेज आए। इनमें दो बार में खाते से पांच-पांच हजार निकालने की जानकारी थी। वह समझ नहीं पाया। रात होने की वजह से शिकायत नहीं कर पाया। दूसरे दिन सुबह 4:35 बजे फिर से मोबाइल पर दो बार में पांच-पांच हजार रुपये निकलने के मैसेज आए। यह देखकर उनके होश उड़ गए।
शुक्रवार को मनोज ने बैंक जाकर पता किया। इसमें पता चला कि खाते से रकम पेटीएम खाते में भेजी गई है। मनोज का कहना है कि उनके पास न कोई काल आया और नहीं किसी ने ओटीपी पूछा। किसी लिंक पर क्लिक भी नहीं किया। फिर खाते से रकम कैसे निकल गई। पीड़ित ने थाना ताजगंज में शिकायत की। थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार का कहना है कि मामला साइबर सेल में जांच को भेज दिया गया है।
फाइनेंसकर्मी ने सतर्कता दिखाई
आगरा में साइबर अपराधियों ने फेसबुक पर फाइनेंसकर्मी धर्मेंद्र शर्मा की फोटो और नाम से फर्जी आईडी बना ली। इसके बाद मैसेंजर से मैसेज करके रुपयों की मांग करने लगे। इसकी जानकारी फाइनेंसकर्मी हो गई। वह पुलिस के पास गए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस पर अपने दोस्तों की मदद से फेसबुक के रिपोर्ट ऑप्शन से फर्जी आईडी को दो घंटे में ही बंद करा दिया। उनकी सतर्कता काम आई।
त्योहार पर सावधान रहें...
त्योहार पर साइबर अपराध को देखते हुए साइबर सेल ने एडवाइजरी जारी की है। इसके मुताबिक, किसी भी अंजान व्यक्ति को फोन पर खाते, एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड की जानकारी नहीं दें। ओटीपी नहीं बताएं। ऑनलाइन लेन-देन में उचित वेबसाइट का इस्तेमाल करें। किसी लॉटरी, रिवार्ड प्वाइंट का झांसा देने वालों की बातों में नहीं आएं। रिश्तेदार बनकर भी रुपये भेजने का झांसा देने वालों की बातों में न आएं।