रोक है, फिर भी संबद्धीकरण कर रहे बीईओ
मैनपुरी। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की घिरोर ब्लॉक इकाई ने बीईओ के खिलाफ पोल खोल अभियान शुरू किया है। अभियान के द्वितीय अंक में शुक्रवार को ब्लॉक इकाई घिरोर की बैठक ओमकार गिरि वेदांत आश्रम घिरोर में हुई। जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. कमलेश आर्य ने कहा कि महानिदेशक स्कूली शिक्षा के आदेश की अवहेलना कर खंड शिक्षा अधिकारी घिरोर मनमाने तरीके से संबद्धीकरण कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कई शिक्षक शिक्षिकाओं को अभी भी बीईओ घिरोर द्वारा सुविधा शुल्क लेकर संबद्धीकरण का लाभ दिया जा रहा है। यह हाल तब है जब शासन स्तर से सभी प्रकार के संबद्धीकरण को समाप्त कर शपथ पत्र प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया था। ब्लॉक अध्यक्ष महेशआर्य ने कहा कि ब्लॉक में दर्जनों शिक्षकों की एमएसटी (मासिक ठेका) बंधा हुआ है।
ऐेसे शिक्षक मासिक सुविधा शुल्क देकर महीने में केवल एक बार पूरे माह के हस्ताक्षर करके चले जाते हैं। ब्लॉक मंत्री मेघ सिंह शाक्य ने कहा कि शिक्षिकाओं से सीसीएल के नाम पर खुलेआम धन उगाई होती है और बिना चढ़ौती के सीसीएल के प्रार्थना पत्र को आगे फॉरवर्ड नहीं किया जाता है। संगठन मंत्री सुधीर सिंह ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी घिरोर चाटुकार किस्म के शिक्षकों से घिरे रहते हैं उन्होंने कृपा पात्र शिक्षकों को स्कूल न जाने की खुली छूट दे रखी है ऐसे शिक्षक अक्सर विद्यालयी समय में खंड शिक्षा अधिकारी के साथ बीआरसी अथवा अन्य स्थानों पर देखे जाते हैं। संचालन ब्लॉक वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीनदयाल ने किया।
बैठक में ब्लॉक ऑडिटर दिनेश चंद्र, राघवेंद्र सिंह, मनोज कुमार शाक्य, दीनदयाल, धर्मेंद्र कुमार, सुभाष चंद्र, प्रशांत भारती, देवेश राजपूत, दिलीप कुमार, सुधीर सिंह, दिनेश चंद्र, कौशलेंद्र कुमार, आलोक कुमार, भूपेंद्र कुमार, दिनेश कुमार, देवेंद्र सिंह, प्रदीप तिवारी, रेखा रानी, दीनदयाल, महेश बाबू, अनिल कुमार, अरुण कुमार, प्रेमपाल सिंह, विजेंद्र सिंह, संतोष कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।
खंड शिक्षाधिकारी बोले आरोप निराधार
शिक्षकों के आंदोलन के बीच खंड शिक्षाधिकारी घिरोर सुमित कुमार वर्मा ने अपना पक्ष रखा। खंड शिक्षाधिकारी ने उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि एक संगठन विशेष के लोग निरीक्षण में अनुपस्थित मिले थे जिन पर कार्रवाई की गई। इसके बाद संगठन के लोग उन पर दबाव बनाने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं सभी आरोप झूठे हैं। मेरे द्वारा अगस्त महीने में 55 स्कूलों का निरीक्षण किया गया है। संबद्धीकरण के मामले में उनका कहना था कि कई दो शिक्षिकाएं संबद्धीकरण निरस्त होने के बाद मूल विद्यालय नहीं पहुंची हैं उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए लिखा जा रहा है।