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ऋण लेने के बाद सब्सिडी के लिए भटक रहे लाभार्थी

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फिरोजाबाद। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और एक जिला-एक उत्पाद योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्वीकृत ऋण योजनाओं के लाभार्थी सब्सिडी के लिए भटक रहे हैं। उद्योग विभाग का दावा है कि सभी लाभार्थियों के खातों में सब्सिडी जारी की जा चुकी है लेकिन बैंक शाखाएं सब्सिडी हस्तांतरण नहीं होने की बात कहकर लाभार्थियों को टरका रही हैं।
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मुख्यमंत्री स्वरोजगार कार्यक्रम और एक जिला-एक उत्पाद योजनांतर्गत इकाई लगाने वाले लाभार्थियों को उद्योग विभाग द्वारा कुल ऋण राशि के सापेक्ष 35 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में मुख्यमंत्री स्वरोजगार कार्यक्रम के तहत 136 और एक जिला-एक उत्पाद योजनांतर्गत 155 लाभार्थियों को उद्योग विभाग द्वारा बैंक ऋण स्वीकृत कराया गया।
दोनों योजना के तहत करीब 3.5 करोड़ की सब्सिडी उद्योग विभाग द्वारा ऋण प्रदात्ता बैंक शाखाओं को लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरण के लिए भेजी है। हालांकि सब्सिडी लाभार्थियों को तीन वर्ष बाद मिलेगी लेकिन सब्सिडी की धनराशि पर मिलने वाली ब्याज का लाभ लाभार्थियों को दिया जाएगा।
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सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री स्वरोजगार कार्यक्रम और ओडीओपी योजना के माध्यम से सब्सिडी युक्त ऋण प्राप्त करने वाले कई लाभार्थियों के खातों में सब्सिडी की धनराशि नहीं पहुंची है। एक ओर उद्योग विभाग 2020-21 में स्वीकृत ऋण आवेदनों के सापेक्ष सभी लाभार्थियों को सब्सिडी जारी करने का दावा कर रहा है तो बैंक शाखाएं विभाग द्वारा सब्सिडी नहीं दिए जाने की बात कह रही हैं। सब्सिडी नहीं मिलने से परेशान 100 लाभार्थी बैंक शाखा और उद्योग विभाग के चक्कर लगाकर परेशान हैं।
सब्सिडी हस्तांतरण नहीं होने वाले प्रकरण-
लाभार्थी का नाम योजना स्वीकृत ऋण
अमन तोमर ओडीओपी दस लाख रूपये
गौरव गुप्ता मुख्यमंत्री स्वरोजगार नौ लाख रूपये
गोपाल दीक्षित ओडीओपी पांच लाख रूपये
ललित कुमार मुख्यमंत्री स्वरोजगार 15 लाख रूपये
2020-21 में स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के सभी लाभार्थियों दी जाने वाली अनुुदान की राशि 17 मार्च से पूर्व बैंकों को भेज दी गई है। पीएमजीईपी, मुख्यमंत्री स्वरोजगार एवं ओडीओपी के तहत सब्सिडी नहीं मिलने से जुड़ा कोई प्रकरण विभाग में लंबित नहीं है।
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अमरेश पांडेय, उपायुक्त उद्योग
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