कोरोना मरीजों के उपचार के लिए कोविड अस्पतालों में जिला प्रशासन ने एक हजार बेड करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में 785 बेड उपलब्ध हैं। जिनमें 400 बेड सरकारी और 385 बेड निजी कोविड अस्पतालों में मरीजों के लिए उपलब्ध हैं।
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कहा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सहयोग से नए निजी कोविड अस्पताल, बेड और वेंटिलेटर आदि चिह्नित किए जा रहे हैं। एक हजार बेड की क्षमता करने का लक्ष्य है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए मुफ्त उपचार की व्यवस्था है। जो लोग पैसा खर्च कर उपचार कराना चाहते हैं, उनके लिए निजी कोविड अस्पताल हैं।
ताजनगरी के अस्पतालों में 6500 बेड की क्षमता
स्वास्थ्य विभाग में 800 से अधिक छोटे-बड़े अस्पताल पंजीकृत हैं। जिनमें कुल 6500 बेड हैं। 50 से अधिक वेंटिलेटर हैं। शहर में 15 से अधिक आईसीयू वार्ड हैं। जिन अस्पतालों ने पिछले साल कोविड मरीजों का उपचार किया था, उन्हें जिला प्रशासन दोबारा चिह्नित कर रहा है।
निजी कोविड अस्पताल
राम रघु हॉस्पिटल : 140 बेड, प्रभा हॉस्पिटल : 60 बेड, नयति हॉस्पिटल : 60 बेड, रवि हॉस्पिटल : 45 बेड, ब्लोसम हॉस्पिटल : 45 बेड, पारस हॉस्पिटल : 35 बेड।
इनमें मुफ्त उपचार
- एसएन मेडिकल कॉलेज : 220 बेड हैं, 100 बेड का वार्ड और बनेगा।
- जिला अस्पताल : 78 बेड हैं यहां नॉन कोविड मरीजों के लिए अलग वार्ड है।
- एफएच हॉस्पिटल : 100 बेेड आरक्षित हैं, यहां 150 बेड और बढ़ाए जाएंगे।
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