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भाजपा नेता के समर्थकों की गुंडई, मेयर व नगर आयुक्त के सामने कर्मचारी चप्पलों से पीटा

Thu, 28 Jun 2018 11:43 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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कर्मचारी को पीटते भाजपा पार्षद के समर्थक - फोटो : अमर उजाला
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भाजपा की पार्षद के समर्थकों ने बुधवार को आगरा में मेयर और नगर आयुक्त के सामने एनर्जी इफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) के कर्मचारी को पीट दिया। 
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उसको थप्पड़ ही नहीं मारे, चप्पलों से सबके सामने पिटाई की। आरोप था कि कर्मचारी ने स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायत पर महिला पार्षद से फोन पर अभद्रता की थी। 

पार्षद मेयर से शिकायत करने पहुंची थीं, इसी बीच उनके समर्थक कर्मचारी को भी पकड़कर वहीं ले आए। घटना में पार्षद की ओर से आरोपी कर्मचारी के खिलाफ थाना हरीपर्वत में तहरीर दी गई है। 
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घटना दोपहर करीब एक बजे की है। विजय नगर क्षेत्र की पार्षद नेहा गुप्ता नगर निगम में परिसर में स्थित स्मार्ट सिटी के कांफ्रेंस रूम में पहुंची। 

मेयर के चेंबर में कर्मचारी, भाजपा पार्षद और समर्थक - फोटो : अमर उजाला
उस वक्त मेयर नवीन जैन, नगर आयुक्त अरुण प्रकाश, अपर नगर आयुक्त विजय कुमार और मुख्य अभियंता (विद्युत) संजय कटियार स्मार्ट सिटी योजना के संबंध में मीडिया से मुखातिब थे। 

पार्षद ने बताया कि उन्होंने ईईएसएल के सुपरवाइजर ब्रजेश त्यागी से स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायत की थी। इस पर कर्मचारी ने उनसे फोन पर अभद्रता की। कहा कि यहां तो हमारी गुंडई ऐसे ही चलेगी। 

पार्षद ने उसकी बात रिकार्ड भी कर ली थी। पार्षद अपनी कह ही रही थीं कि इसी बीच उनके समर्थक आरोपी कर्मचारी को पकड़कर वहां ले आए। 

मेयर नवीन जैन कर्मचारी से पूछताछ कर ही रहे थे कि पार्षद के समर्थकों ने कर्मचारी पर थप्पड़ बरसाने शुरू कर दिए। चप्पलों से पिटाई भी की। 
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मुख्यमंत्री से शिकायत करूंगा: मेयर 

पार्षद के पति  दिनेश गुप्ता ने भी कर्मचारी की पिटाई की। मेयर और नगर आयुक्त ने किसी तरह सभी को शांत किया। प्रकरण से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

कर्मचारी की पिटाई के सवाल पर मेयर ने पार्षद का बचाव करते हुए कहा कि पार्षद ने किसी के साथ हाथापाई नहीं की। जब कर्मचारी ने पार्षद से अभद्रता की तो उनके समर्थकों का गुस्सा होना लाजिमी है। 

हालांकि कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। ईईएसएल ने शहर में करीब 30 हजार स्ट्रीट लाइटें लगाई हैं। इन लाइटों के रखरखाव का जिम्मा भी कंपनी पर है। 

सात वर्ष तक कंपनी इनका रखरखाव करेगी। बिजली के बिल में जो रियायत मिलेगी उससे नगर निगम कंपनी को भुगतान करेगा।कंपनी के लाइटें लगाने के बाद ही इनके खराब होने की शिकायतें आने लगी हैं। 
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