भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक निवासी स्थल बटेश्वर में हर साल लगने वाला मेला इस बार भव्य रूप लेगा। उनकी स्मृति में बटेश्वर मेले को पुराने स्वरूप में लौटाने की कवायद होगी। इस संबंध में मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश बघेल ने पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सुझाव साझा किए।
जिला पंचायत परिसर में हुई बैठक में बटेश्वर मेले को पुराने स्वरूप में लौटाने के साथ ही उसमें आधुनिकता के रंग भरने पर मंथन हुआ। तय किया गया कि मेले के दौरान हर शाम को महाआरती होगी। इसमें हर रोज कोई न कोई विशिष्टजन की मौजूदगी रहेगी।
लोकप्रिय बनाने के लिए सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन होगा। कवि सम्मेलन, भगत, ब्रज संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम आदि आयोजित किए जाएंगे। बैठक में इसकी एतिहासिकता पर भी प्रकाश डाला गया।
बताया किया कि उत्तर भारत का मशहूर बटेश्वर पशु मेला पुष्कर मेले से भी पुराना है। एक वेबसाइट भी लांच की जाएगी। इस पर कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। मेले को प्लास्टिक और पॉलीथिन फ्री किया जाएगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार की अध्यक्षता में होगी। बैठक में जिला पंचायत अधिकारियों के साथ टूरिज्म गिल्ड के सचिव राजीव सक्सेना, होटल एंड रेस्टोरेंट ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा आदि मौजूद थे।