मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त में यमुना और ब्रह्मलाल महाराज की पूजा और आरती में नदी के शांत होने की प्रार्थना की। भोलेनाथ के पांव पखारने के बाद नदी के शांत होने की उम्मीद भी जताई। कालिंदी के उफान के पानी में एकादशी मंदिर चारो ओर से घिरा हुआ है। बिहारी जी मंदिर, जागेश्वर मंदिर के प्लेटफार्म को छूकर कालिंदी बह रही है। सेल्फी प्वाइंट परिसर में घुटनों तक पानी भर गया है।
मंदिर श्रंखला के पूर्वी छोर पर महज एक सीढ़ी डूबने से बची है। 24 घंटे में कालिंदी एक सीढ़ी चढ़ी है। जबकि पश्चिमी छोर पर कई मंदिरों की देहरी तक कालिंदी का पानी पहुंच गया है।उफान की रफ्तार जारी रही तो मंदिर श्रंखला को पार कर पानी बटेश्वर गांव की ओर निकलना शुरू हो जाएगा।
ग्रामीणों राम सिंह आजाद, नरेन्द्र चंद्रवंशी, राजकुमार गोस्वामी ने बताया कि 3 साल पहले ब्रह्मलाल महाराज मंदिर में उफान का पानी घुस गया था। मंदिर के प्रवेश द्वार और सड़क पर उफान के पानी में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई थी। कालिंदी के रौद्र रूप से बाढ़ के खतरे को लेकर बटेश्वर के लोग सहमे हुए हैं।