जिस डकैत की तलाश 24 वर्षों से मध्य प्रदेश और राजस्थान की पुलिस कर रही थी, वह रविवार को फिरोजाबाद के बीहड़ से पकड़ा गया। बासौनी के जेबरा गांव का निवासी इनामी डकैत गिरधारी 24 वर्षों से फरार था। उस पर मध्य प्रदेश में पांच और राजस्थान में सात मुकदमे लूट और हत्या के दर्ज हैं। दोनों राज्यों की पुलिस ने उस पर चार-चार हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
डकैत गिरधारी को पकड़ने के लिए भरतपुर की डीएसटी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) ने बासौनी क्षेत्र के चंबल के बीहड़ में 22 दिन से गिरधारी की घेराबंदी कर रखी थी, लेकिन वह गच्चा देकर फिरोजाबाद के यमुना के बीहड़ में जा छिपा था। रविवार को डीएसटी टीम ने गिरधारी को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी भरतपुर श्याम सिंह के मुताबिक 1998 में गिरधारी ने भरतपुर के बैर में रविंद्र सोनी के घर पर हमलाकर लूट की थी। इसके बाद बीहड़ में चला गया था। वर्ष 2000 में बैर में ही वल्लभ के घर में डकैती डाली थी। राजस्थान और मध्य प्रदेश में गिरधारी के खिलाफ लूट और हत्या के 12 मुकदमे दर्ज हैं।
65 वर्ष की उम्र में छड़ी के सहारे चलता मिला
राजस्थान पुलिस ने 24 वर्षों में गिरधारी की तलाश में जेबरा में उसके घर पर कई बार दबिश दी, लेकिन वह हर बार चंबल नदी पार कर मध्य प्रदेश की सीमा में घुस जाता था। वह गांव में ही खेती करता था। उसका घर बीहड़ से लगा है, इससे दबिश के समय उसे फरार होने में मदद मिलती थी। इस बार डीएसटी ने मध्य प्रदेश और बासौनी के छोर से घेराबंदी की तो उसने फिरोजाबाद के यमुना के बीहड़ की राह पकड़ ली। पुलिस को उसका मोबाइल नंबर मिल चुका था। सर्विलांस की मदद से गिरधारी की लोकेशन को ट्रेस करते हुए पुलिस फिरोजाबाद तक जा पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। इस समय उसकी उम्र 65 वर्ष है और गिरफ्तारी के समय वह पुलिस को बीहड़ में छड़ी के सहारे चलता मिला था।