दयालबाग के खेलगांव के दर्जनभर बच्चों के चेहरे पर गजब का आत्मविश्वास था, समाज के लिए कुछ करने का गौरव था। हुनर के रंगमंच पर मिली कामयाबी से चेहरे पर अनोखी मुस्कान बिखर गई, जिसकी तलाश उन्हें सालों से थी।
तमाम जरूरतों, सहूलियताें से वंचित बस्ती के ये बच्चे अब सामाजिक सरोकार से जुड़े हैं। स्टाप एसिड अटैक अभियान में शुक्रवार से सप्ताह भर तक शहर में तेजाब की खुली बिक्री रोकने को जागरूकता कार्यक्रम करेंगे। बस्ती के बच्चे अलीगढ़ की रंगसाज कला एवं संस्कृति संस्था के साथ मिलकर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर रहे हैं। पहला नाटक शुक्रवार को आगरा कालेज में हुआ। स्त्री की दशा और अत्याचारों को दर्शाया गया। संस्था के कलाकार जयप्रकाश ने कहा, इन बच्चों में गजब की प्रतिभा है। जयप्रकाश ने कहा, बस्ती के बच्चों को नाटक के लिए इसलिए चुना गया, क्योंकि इनमें झिझक नहीं होती। ये बच्चे डांस, आर्ट में भी माहिर हैं। संस्था इन्हीं बच्चों के साथ नुक्कड़ नाटक दिल्ली में करेगी। सभी बच्चे सामाजिक संस्था ‘एक पहल’ की पाठशाला के छात्र-छात्रा हैं। कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डा. मनोज कुमार रावत, डा. अमित अग्रवाल, एसिड अटैक फाइटर रितु, नीतू, गीता, डौली, ईभा गर्ग, मनीष राय, अंकित खंडेलवाल, असीम त्रिवेदी, आलोक दीक्षित, अंबुज, केतन, एनिमाटो, अश्विन, अनुज आदि मौजूद रहे। शनिवार को अगला नाटक सदर बाजार में किया जाएगा।
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बच्चे बोले, कुछ कर दिखाना है
पांचवीं के छात्र 13 साल के अमन ने बताया कि उसके पिता नहीं हैं और मां घरों में कामकाज करती हैं। नुक्कड़ नाटक ने उसे कुछ कर दिखाने का मौका दिया है। सहपाठी नितिन ने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार उसे पसंद नहीं है। अभियान से जुड़कर उसे अच्छा लग रहा है। मनीष ने कहा कि संकोच नहीं, हम कर दिखाएंगे। बच्चों में आधी लड़कियां हैं। साधना ने कहा, लोगों को जगाने का काम उसे बहुत रोमांचित कर रहा है।