मैनपुरी। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब का जन्मदिन रविवार को जश्न-ए-पैदाइश ईद मिलादुन्नबी धूमधाम से मनाया गया। शहर के प्रमुख मार्गों पर जुलूस निकाला गया। आगरा रोड स्थित खानकाहे रशीदिया, जामा मस्जिद, छोटी खानकाह समेत सभी मस्जिदों को झालरों से सजाया गया। जुलूस में शामिल लोग इस्लामी नारे लिखे बैनर जुलूस ईद-मीलाद-उन-नबी, जश्न-ए ईद-मीलाद-उन-नबी मुबारक हो, खुश आमदीद, जश्न- विलादत जिंदाबाद अपने हाथों में लेकर चल रहे थे। खानकाहे रशीदिया में आयोजित ईद-मीलाद-उन-नबी जलसे की शुरुआत कुरान-ए-पाक से हुई।
खानकाहे रशीदिया के सज्जादा नशीन अब्दुर्रहमान खां चिश्ती उर्फ बबलू मियां ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैह बसल्लम इस्लाम धर्म नहीं, बल्कि हर जाति और हर एक देश के पैगंबर हैं। आज के दिन पैगंबरे इस्लाम का जन्म दिवस मुसलमान ही नहीं, बल्कि दुनियां के सभी धर्मों के लोग मनाते हैं। जामिया रशीदिया एवं शहर के अन्य स्कूल एवं मदरसों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
मौलाना और बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मुस्लिम इस्लाही तंजीम द्वारा बड़े चौराहे पर जश्न-ए ईद-मीलाद-उन-नबी मनाया गया। इस मौके पर जामा मस्जिद के पेश इमाम मोहम्मद शमी अहमद ने कहा कि पैगंबर-ए इस्लाम से पूर्व दुनिया में अन्याय, भ्रष्टाचार दुराचार और जहालत का राज था। पैगंबर-ए इस्लाम ने शिक्षा और जीवन के श्रेष्ठ आदर्श हमारे लिए छोड़े हैं। पैगंबर-ए इस्लाम ने गरीबों मजबूरों पर उपकार किए हैं। शहर की सभी मस्जिदों पर रोशनी की गई।
इस मौके पर हुई प्रतियोगिताओं मेें नातिया गोई, सवाल-जवाब और तकरीर हुई। विजेता बच्चों को डीएम प्रदीप कुमार, एसपी अजय शंकर राय, एसडीएम रजनीकांत, सीओ सिटी अभय नरायन राय, बबलू मियां ने पुरस्कार दिए। इस मौके पर आशू मियां, शमशुद्दीन वारसी, इसरार इलाही, अबरार इलाही, जावेद खान, सुहेल वारसी आदि मौजूद रहे।
10एमएनपी-33- घिरोर में बारावफात का जुलूस निकालते मुस्लिम समाज के बच्चे व लोग- फोटो : MAINPURI
10एमएनपी-09-खानकाह से बारावफात का जुलूस निकालते मुस्लिम समाज के बच्चे व लोग- फोटो : MAINPURI
10एमएनपी-10-खानकाह से बारावफात का जुलूस निकालते मुस्लिम समाज के बच्चे व लोग- फोटो : MAINPURI