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Janmashtami 2023: बांकेबिहारी मंदिर में रात 1.55 बजे हुई मंगला आरती, वर्ष में एक बार होते हैं अलौकिक दर्शन

Fri, 08 Sep 2023 10:35 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
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बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती - फोटो : अमर उजाला
Banke Bihari Mandir: तीन लोक से न्यारी ब्रज भूमि के ह्दयस्थल वृंदावन में यशोदा नंदन कृष्ण का जन्मोत्सव कहीं दिन के उजाले में हुआ तो कहीं मध्यरात्रि मनाया गया। बांकेबिहारी मंदिर में रात 12 बजते ही कान्हा के जन्म की बधाइयां गूंज उठी। सेवायतों ने ठाकुर जी का पंचामृत महाअभिषेक किया। इस दौरान अपने आराध्य को एक पल निहारने के लिए भक्तों में होड़ लगी रही। मंदिर परिसर के अंदर ही नहीं बाहर तक हजारों लोग कतारबद्ध थे और दर्शन का यह सिलसिला रात भर चला।

रात 1.55 बजे मंगला आरती के दर्शन के लिए 12 से ही श्रद्धाल अपने होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाएं छोड़कर मंदिर के बाहर जम गए। आलम यह था कि वर्ष में एक बार होने वाली इस आरती का दर्शन लाभ पाने से कोई वंचित नहीं रहना चाहता था। हालांकि प्रशासन ने आरती के दौरान सीमित संख्या में ही भक्तों को अंदर जाने दिया, लेकिन इसके बाद मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश अनवरत चलता रहा।
 
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बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती - फोटो : अमर उजाला
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मद्देनजर नगर में सुबह से ही भक्तों के आगमन का सिलसिला शुरू हो गया था। ऐसा लग रहा था मानों नगर की हर गली बांकेबिहारी मंदिर की ओर जा रही थी। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाओं के दल ठाकुरजी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। मंदिर के आसपास की हर गली खचाखच भरी थी। प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर, सप्त देवालय में भी भक्तों के उत्साह का यही आलम था। मंदिरों को आकर्षक विद्युत सजावटों, सुगंधित पुष्पों और लतापताओं से सजाया गया। हालांकि मुख्य आकर्षण का केंद्र बांकेबिहारी मंदिर रहा।
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Mathura News - फोटो : अमर उजाला
बांकेबिहारी मंदिर के गर्भगृह में मध्य रात्रि 12 बजे सेवायत गोस्वामियों ने विधिविधान पूर्वक अपने आराध्य का बंद पटों के बीच महाभिषेक किया। इसके करीब डेढ घंटे बाद पट खोले गए। चांदी की पालकी में विराजमान ठाकुर बांकेबिहारी और उनके दोनों ओर चांदी जड़ित सुसज्जित गोपियोंं ने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। रात 1.55 बजे मंगला आरती हुई। इस दौरान मंदिर परिसर सेवायत परिवार, उनके यजमान और श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। करीब आठ मिनट की मंगला आरती के बाद बांकेबिहारी के लिए तैयार किया गया चरणामृत सेवायत गोस्वामी द्वारा भक्तों पर बरसाया गया। रात दो बजे से प्रात: साढे पांच बजे तक ठाकुरजी के जन्म के दर्शन के लिए पट खुले रहे।

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बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती - फोटो : अमर उजाला

मिगी पाग और धनिया की पंजीरी का लगाया भोग

बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती के बाद मंदिर के गोस्वामी समाज की महिलाएं और गोस्वामीजन घर पर बने मिगी पाग, धनिया की पंजीरी और मोहन भोग चांदी के थालों में सजाकर मंदिर लाए और कन्हैया का भोग लगाया। इस दौरान गोस्वामीजनों ने मदिरों में अपने लाड़ले ठाकुर के जन्म की खुशी में पदों का सस्वर गायन किया, जिसे सुन श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए।
 
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बांकेबिहारी मंदिर में मंगला आरती - फोटो : अमर उजाला

नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की...

मंदिर के सेवायत आनंद गोस्वामी ने बताया कि परंपरा के अनुसार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर समय-समय पर बाल भोग, शृंगारभोग, राजभोग, उत्थान भोग, शयन लगाए गए। इसके बाद प्रभु के जन्मोत्सव में शामिल होने वाले भक्तोें को मोहन भोग का वितरण किया गया। जगह-जगह नंद के आनन्द भयो जय कन्हैया लाल की बोल मुखर हो गए।
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