Banke Bihari Temple Vrindavan Crowd Today: बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ प्रबंधन को लेकर पुलिस प्रशासन के इंतजाम फेल नजर आ रहे हैं। अभी पूरा ध्यान बांके बिहारी की मंगला आरती को लेकर आने वाली भीड़ को लेकर है। ऐसे में प्रशासन ने भूल गया कि जन्माष्टमी से पहले भी भीड़ नियंत्रण बड़ी चुनौती है।
वृंदावन में एक बार फिर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में भीड़ के चलते कुरुक्षेत्र के वृद्ध की हुई मौत ने पुलिस प्रशासन के इंतजाम की पोल खोलकर रख दी है। मंगला आरती से करीब एक सप्ताह पूर्व हुए इस हादसे ने पुलिस प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है।
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पुलिस-प्रशासन के आला अफसरों को बखूबी मालूम है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तक भीड़ कम नहीं होगी, बल्कि भीड़ में इजाफा ही होगा। बावजूद अभी तक भीड़ को लेकर गंभीरता नहीं बरती गई है। पुलिस प्रशासन केवल मंगला आरती को लेकर फोकस किए है, उसे लगातार बढ़ रही मंदिर में भीड़ से कोई सरोकार नहीं है। तभी तो रविवार को श्रद्धालु की भीड़ के दबाव के चलते हुई मौत पर इंतजाम की हकीकत से पर्दा हट गया।
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रविवार को वीकेंड के संग ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को देखते हुए मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ में लगता इजाफा हो रहा है, पर पुलिस प्रशासन के अफसरों का इस ओर ध्यान नहीं है। हर बार की तरह कोई हादसा होता है तो इंतजाम पर अफसर नई रणनीति बनाने में मशगूल दिखते हैं, फिर कुछ दिन बाद मंदिर में इंतजाम लचर हो जाते हैं। एएसपी/सीओ सदर कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि जन्माष्टमी को देखते हुए पुलिस प्रशासन भीड़ नियंत्रित करने के इंतजाम कर रहा है।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में भीड़ के चलते पहले भी होते रहे हैं हादसे
ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में रविवार को हुआ हादसा कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले भी हादसे होते रहे हैं, लेकिन उन हादसों से कोई सबक नहीं लिया गया। मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर उमड़ी भीड़ के कारण हुए हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंदिर के सेवायत आचार्य प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि वर्ष 1980 में बांकेबिहारी मंदिर में स्थानीय निवासी शिवचरण बूरे वालों की मौत हुई थी। अब आए दिन भीड़ के चलते कोई न कोई बेहोश होता रहता है।
- 27 अप्रैल 2009 को अक्षय तीज पर्व पर मंदिर में दम घुटने से कानपुर निवासी 85 वर्षीय रमा माहेश्वरी की मौत हुई थी, जबकि रोहिणी निवासी सरला अग्रवाल और रोहतक निवासी ब्रह्मानंद घायल हुए थे।
- 21 जुलाई 2012 हरियाली तीज से एक दिन पूर्व मंदिर में भीड़ के चलते दिल्ली के शकरपुर निवासी 67 वर्षीय देशराज की दम घुटने से मौत हो हुई थी।
- 19 अगस्त 2012 बांकेबिहारी मंदिर में लगी स्टील की रेलिंग के टूटने से कई श्रद्धालुओं सहित बच्चे घायल हो गए थे।
- 9 सितंबर 2012 यहां रेलिंग में फंसने से हाथरस निवासी उर्मिला गुप्ता और चंदौसी निवासी बीना शर्मा घायल हुए थीं।
- 1 जनवरी 2017 भीड़ में दबकर दिल्ली निवासी महेश अरोड़ा और अमृतसर निवासी दलजीत घायल हो गए थे।
- 12 फरवरी 2022 गाजियाबाद निवासी 65 वर्षीय लक्ष्मण सिंह की मंदिर के 4 नंबर गेट के बाहर मौत हो गई थी।
- 12 मार्च 2022 मुंबई से वृंदावन दर्शन करने आई 60 वर्षीय महिला मधु अग्रवाल की हुई थी मौत।
- 19/20 अगस्त 2022 की भोर मंगला आरती के वक्त भीड़ से दो श्रद्धालुओं की मौत, छह घायल हुए थे।