एआईबीईए और एसएसबीईए के आह्वान पर शुक्रवार को बैंककर्मियों की हड़ताल का मिलाजुला असर देखने को मिला। बैंक तो खुले रहे, लेकिन शाखाओं में आधे काउंटर खाली ही रहे। कैश के लेन-देन और चेक क्लियरिंग के काम पर हड़ताली कर्मचारियों का असर देखा गया। निजी और स्टेट बैंक आफ इंडिया के साथ बैंक अधिकारियों के हड़ताल में शामिल न होने से अन्य बैंकिंग सेवाएं जारी रहीं।
यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के साथ बैंक कर्मचारियों ने संजय प्लेस स्थित स्टेट बैंक आफ हैदराबाद शाखा पर सुबह सरकार विरोधी नारेबाजी की और सभा कर बैंक प्रबंधन की नीतियों का विरोध किया। यूनियन के मंत्री मदन मोहन राय, शैलेंद्र झा, अशोक सारस्वत ने कहा कि स्टेट बैंक प्रबंधन अपना अड़ियल और अमानवीय रवैया बदले। सभा में एसके खोसला, गुरुदेव सिंह, बृजेश वार्ष्णेय, राजकुमार सहित बैंक कर्मचारी मौजूद रहे।
जहां सभा, वहीं खुले रहे बैंक
संजय प्लेस की एलआईसी बिल्डिंग स्थित स्टेट बैंक आफ हैदराबाद शाखा के सामने हड़ताली बैंक कर्मचारियों ने सभा की, लेकिन यहां भी उनमें एकजुटता नजर नहीं आई। धूप सेंकते हुए चार दर्जन से ज्यादा बैंक कर्मचारियों ने ही बैंक प्रबंधन को कोसना जारी रखा, जबकि अन्य कर्मचारी 5-6 लोगों के गुट बनाकर दूर खड़े रहे। इसी का असर रहा कि जहां सभा हुई, उसके पास की सभी बैंकों में कर्मचारी काम करते नजर आए। बैंक आफ इंडिया, बैंक आफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, ओरियंटल बैंक आदि में कामकाज होता रहा।
सोमवार को खुलेंगे बैंक
कम्यूनिस्ट विचारधारा के कर्मचारी संगठनों की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार को बैंक बंद रहेंगे। ऐसे में सोमवार को बैंक खुलने पर ही चेक क्लियरिंग सहित कैश का बड़ा लेन-देन हो पाएगा। बैंक कर्मचारियों को शुक्रवार की हड़ताल के कारण दो की जगह तीन दिनों का अवकाश मिल गया।