कासगंज। इलाहाबाद बैंक में मिड डे मील का धन विद्यार्थियों के खाते में ट्रांसफर करने में अनदेखी भारी पड़ गई। स्कूल द्वारा भेजी गई एडवाइजरी के विपरीत खातों में अधिक धनराशि पहुंच गई। प्रत्येक विद्यार्थी के खाते में 283 रुपये भेजे जाने थे। इसकी जगह 347 रुपये विद्यार्थियों के खातों में पहुंच गए। यह धनराशि 331 विद्यार्थियों के खातों में भेजी गई।
यह गड़बड़ी पूर्व माध्यमिक विद्यालय भिटौना के खाते की है। यहां विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शालिनी मिश्रा ने 331 विद्यार्थियों के खातों में धनराशि भेजने के लिए एडवाइजरी तैयार कर इलाहाबाद बैंक को भेजी थी। यह एडवाइजरी बैंक में डेढ़ महीने तक रुकी रही।
बच्चों के खातों में धन स्थानांतरित नहीं हो पाया लेकिन जब यह धनराशि भेजी गई तो 283 रुपये के बजाए 347 रुपये के हिसाब से ट्रांसफर कर दी गई। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को मामले की जानकारी हुई तो बैंक से इसकी शिकायत की गई। अब बैंक विद्यार्थियों के खाते से पहुंचे अधिक धन को वापस करेगी। विद्यार्थियों के खातों में कुल 98201 रुपये का धन ट्रांसफर होना था। यह धन बैंक ने 114857 ट्रांसफर कर दिया।
बैंक ने नहीं दिया ध्यान
बैंककर्मियों का ध्यान धनराशि ट्रांसफर के समय स्कूल की निकासी धनराशि की सहमति पर नहीं गया। विद्यालय के सहमति पत्र के विपरीत यह ट्रांसफर एक साथ हो गया। अधिक धन निकासी पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका परेशान हो गईं। उनका कहना था कि खाते से सहमति से अधिक धन की निकासी नहीं की गई है।
- मिड डे मील की धनराशि ट्रांसफर करने में गलत भर गई। एक साथ सभी खातों को सिलेक्ट करके धनराशि ट्रांसफर कर दी गई। यह मामला संज्ञान में है। जिन बैंकों में विद्यार्थियों के खाते हैं। उन बैंकों को पत्र भेजकर विद्यार्थियों के खाते से पहुंची अधिक धनराशि को वापस करने की अपेक्षा की गई है। - योगेंद्र सिंह, शाखा प्रबंधक, इलाहाबाद बैंक।