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ग्राहक सेवा केंद्र में खुले थे 3900 खाते, 2800 में जीरो बैलेंस, ऐसे हुआ लाखों का घोटाला

Sat, 04 May 2019 06:02 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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कासगंज जिले में ग्राहक सेवा केंद्र में हुए घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि सेवा केंद्र पर 3900 उपभोक्ताओं के खाते खोले गए। सभी खाताधारकों को घोटालेबाज ने फर्जी पासबुक जारी की। 
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अभिलेखों में देखा गया है कि दो साल पहले फरवरी माह में अंतिम लेन देन ग्राहक सेवा केंद्र की आईडी से किया गया है। उसके बाद भी जालसाज घोटाला करता रहा। जांच टीम ने प्रथम दृष्टया अन्य ग्राहक सेवा केंद्रों की मिलीभगत मानी है। इसलिए और भी सेवा केंद्र जांच के दायरे में आएंगे।

लीड बैंक मैनेजर के नेतृत्व वाली जांच टीम ने शनिवार को मंथन बैठक की। बैठक में बैंक अधिकारी और जीरो मास कंपनी के अफसरों से ब्यौरा मांगा गया। भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण शाखा में ग्राहक सेवा केंद्र के खाताधारकों का ब्यौरा खंगाला गया। 
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फरवरी 2017 को अंतिम बार लेनदेन

बैंक प्रबंधक आरके सिंह ने ग्राम पंचायतवार खाताधारकों की संख्या जुटाई। पाया गया है कि घोटालेबाज अर्जुन ने 3900 उपभोक्ताओं के खाते खोले और लेनदेन किया। सभी खाताधारकों को फर्जी पासबुक जारी की। ग्राहक सेवा केंद्र पर पासबुक जारी नहीं होती बल्कि उन्हें कार्ड मिलता है।

किसी भी उपभोक्ता को कार्ड नहीं दिया गया। ब्यौरा में देखा गया है कि ग्राहक सेवाकेंद्र गोरहा की आईडी से जालसाल ने 20 फरवरी 2017 को अंतिम बार लेनदेन किया, लेकिन खातों में उसके बाद भी लेनदेन होता रहा। पासबुक से हस्तलिखित एंट्री लेनदेन का प्रमाण बनी है। 

जांच टीम ने माना है कि कहीं न कहीं अन्य ग्राहक सेवा केंद्रों की मिलीभगत से अर्जुन अपने फिंगर प्रिंट से खातों से लेनदेन करता रहा। ऐेसे में अन्य सेवा केंद्र भी कार्रवाई की जद में आए हैं।

इतने खातों में जीरो बैलेंस

- 2800 खातों में है जीरो बैलेंस।
- 1100 में हैं 3 लाख रुपये।
- 3 स्तरों के माध्यम से लेनदेन करते हैं ग्राहक सेवा केंद्र।
- 200 खाते हो चुके हैं बंद।

बैंक के अधिकार
- उपभोक्ताओं को सिर्फ बैंक ही जारी कर सकती है पासबुक और एटीएम।
- संदिग्ध पाए जाने पर कभी भी सेवा केंद्र की आईडी बंद कर सकती है बैंक।
- ग्राहक सेवा केंद्र के उपभोक्ताओं के लेनदेन पर भी रोक लगा सकती है बैंक।
- केंद्र संचालक के मनमानी करने पर उपभोक्ता की सहमति से खाता बंद कर सकती है बैंक।
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सेवा केंद्र के अधिकार

- ग्राहक सेवा केंद्र सिर्फ लेनदेन कर सकता है।
- बैंक द्वारा चलाई जाने वाली योजनाओं का प्रसार कर सकता है।

'बैंक प्रबंधक और जीरो मास कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक की। सभी का सहयोग मांगा है। भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण शाखा से ग्राम पंचायतवारपूरा ब्यौरा खंगाल रहे हैं। बिंदुवार जांच की जा रही है।- महेश प्रकाश, एलडीएम।

'ग्राहक सेवा केंद्र के लेनदेन से बैंक का कोई हस्तक्षेप नहीं होता। केंद्र सिर्फ त्रिकोणीय समझौता है जो बैंक, कंपनी और केंद्र संचालक के बीच होता है।जांच में पाया है कि 3900 खाते ग्राहक सेवा केंद्र में खोले गए।'- आरके सिंह, प्रंबधक, एसबीआई ग्रामीण शाखा।

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