इंस्पेक्टर कोतवाली विक्रम सिंह ने बताया कि बैंक ऑफ आर्यावर्त का शाखा प्रबंधक 2.68 करोड़ रुपये गबन के मामले में लंबे समय से वांछित चल रहा था। गिरफ्तारी करने के बाद बृहस्पतिवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
आठ साल तक करता रहा धोखाधड़ी
आर्यावर्त बैंक में वर्ष 2020 में तत्कालीन शाखा प्रबंधक ग्रीश गुप्ता की ओर से करोड़ों रुपया का घोटाला सामने आने के बाद मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी थी। विभागीय जांच में सामने आया कि वर्ष 2005 से 2013 तक बैंक में शाखा प्रबंधक के पद पर रहते हुए संदीप चौहान ने 285 ऋण खातों व अन्य खाता धारकों को धोखा देकर 2.68 लाख रुपया का गबन किया है।
तहरीर के साथ खाता धारकों की सूची भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई थी। संदीप द्वारा ऑफिस खातों में भी हेरफेर कर करीब 7.10 लाख रुपये भी गबन किया गया है। मामला प्रकाश में आने के बाद आरोपी शाखा प्रबधंक को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद से वह भूमिगत हो गया था। वांछित आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार जुटीं थीं।