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Mainpuri: आर्यावर्त बैंक का पूर्व शाखा प्रबंधक गिरफ्तार, 2.68 करोड़ रुपये के गबन में था वांछित

Thu, 23 Jun 2022 04:09 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

बैंक ऑफ आर्यावर्त के पूर्व शाखा प्रबंधक को पुलिस ने 2.68 करोड़ रुपये के गबन के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पूर्व शाखा प्रबंधक को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। 
 
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पुलिस गिरफ्त में बैंक ऑफ आर्यावर्त के पूर्व शाखा प्रबंधक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मैनपुरी में बैंक ऑफ आर्यावर्त के ग्राहकों के करीब 2.68 करोड़ रुपये गबन कर फरार हुए शाखा प्रबंधक को बुधवार की रात कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध वर्ष 2020 में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इस मामले में आरोपी शाखा प्रबंधक निलंबित भी किया जा चुका है।
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बैंक ऑफ आर्यावर्त की ब्योंती खुर्द शाखा में वर्ष 2020 में तैनात रहे शाखा प्रबंधक ग्रीश चंद्र गुप्ता ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक द्वारा ग्राहकों के रुपयों का गबन किया गया है। जांच के दौरान पूर्व प्रबंधक संदीप सिंह चौहान निवासी अवधनगर, सदर कोतवाली पर उपभोक्ताओं के करीब 2.68 करोड़ रुपये के गबन का आरोप सही साबित हुआ। 

2020 में दर्ज कराया गया था मुकदमा 

ग्रीश गुप्ता की ओर से सदर कोतवाली में दो जनवरी 2020 को संदीप के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तभी से पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। इंस्पेक्टर कोतवाली विक्रम सिंह ने बताया कि बुधवार की रात सूचना पर आरोपी को भांवत चौराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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इंस्पेक्टर कोतवाली विक्रम सिंह ने बताया कि बैंक ऑफ आर्यावर्त का शाखा प्रबंधक 2.68 करोड़ रुपये गबन के मामले में लंबे समय से वांछित चल रहा था। गिरफ्तारी करने के बाद बृहस्पतिवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, वहां से उसे जेल भेज दिया गया। 

आठ साल तक करता रहा धोखाधड़ी 

आर्यावर्त बैंक में वर्ष 2020 में तत्कालीन शाखा प्रबंधक ग्रीश गुप्ता की ओर से करोड़ों रुपया का घोटाला सामने आने के बाद मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी थी। विभागीय जांच में सामने आया कि वर्ष 2005 से 2013 तक बैंक में शाखा प्रबंधक के पद पर रहते हुए संदीप चौहान ने 285 ऋण खातों व अन्य खाता धारकों को धोखा देकर 2.68 लाख रुपया का गबन किया है। 

तहरीर के साथ खाता धारकों की सूची भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई थी। संदीप द्वारा ऑफिस खातों में भी हेरफेर कर करीब 7.10 लाख रुपये भी गबन किया गया है। मामला प्रकाश में आने के बाद आरोपी शाखा प्रबधंक को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद से वह भूमिगत हो गया था। वांछित आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार जुटीं थीं।
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