ऋण की पूरी रकम चुकाने के बाद भी बंधक जमीन का मूल बैनामा वापस नहीं करने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने पंजाब नेशनल बैंक को 2.30 लाख रुपये देने का आदेश दिया है। आयोग ने बैंक को 45 दिन के भीतर बैनामा लौटाने को कहा है और दस्तावेज खोने की स्थिति में रजिस्ट्रार कार्यालय से दूसरी प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
ऋण चुकता होने के बाद भी पंजाब नेशनल बैंक ने बंधक जमीन का बैनामा नहीं लौटाया। वाद पर सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव कुमार ने बैंक को आदेश दिया कि वह 45 दिन के अंदर बैनामा वादी को वापस करे। ऐसा न करने पर प्रतिकर के रूप में 2 लाख रुपये जमा करने होंगे।
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आयोग अध्यक्ष ने यह भी आदेश दिया कि मानसिक उत्पीड़न और वाद व्यय के लिए 30 हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे। यदि बैनामा खो गया है तो बैंक को रजिस्ट्रार कार्यालय से दूसरी प्रति निकालकर देनी होगी। दयालबाग निवासी अशोक कुमार वर्मा ने 24 जून, 2021 को यह वाद दायर किया था। उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक की शिकोहाबाद शाखा से घर के लिए ऋण लिया था, जिसके लिए जमीन के मूल दस्तावेज बंधक रखे थे।
वर्मा ने 25 मई 2015 तक सभी किस्तें चुका दी और बैंक ने उसी दिन अनापत्ति प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया था। हालांकि, बैंक ने मूल बैनामा वापस नहीं किया और उसे तलाशने का बहाना बनाया। वर्मा ने कई बार पत्र भेजकर बैनामा की मांग की लेकिन बैंक ने दस्तावेज नहीं लौटाए।