आगरा में बैंक ऑफ बड़ौदा में कार्यरत एक बेटे ने खुद की तैनाती वाली शाखा के लाॅकर में अच्छी सिक्योरिटी का झांसा देकर अपनी ही मां के जेवर हड़प लिए। जानकारी पर पीड़िता ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। एसीजेएम बटेश्वर कुमार ने बेटा, बहू और नाती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर थानाध्यक्ष हरीपर्वत को विवेचना के आदेश दे दिए।
हरीपर्वत थाना क्षेत्र जलकल विभाग के स्टाफ क्वार्टर निवासी किरन देवी ने अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। आरोप लगाया कि उनके तीन बेटे धनपाल, राकेश और मुकेश हैं। छोटा बेटा धनपाल बैंक ऑफ बड़ौदा की जीवनी मंडी की शाखा में कार्यरत, बड़ा राकेश जलकल विभाग में कार्यरत है। उन्होंने अपने जेवरात बैंक ऑफ इंडिया की न्यू आगरा शाखा के लॉकर में रखे थे।
2023 में धनपाल ने बहलाकर जेवरात वहां से निकलवाकर अच्छी सिक्योरिटी देने के बहाने बैंक ऑफ बड़ौदा जीवनी मंडी शाखा में रखवाकर लॉकर की चाबी उन्हें दे दी। 21 जनवरी 2025 को वह जेवरात निकालने बैंक पहुंची। वहां बैंक कर्मचारियों ने उनके नाम से कोई लॉकर न होने की जानकारी दी। कहा कि आपके बेटे धनपाल के नाम से एक लॉकर है। शिकायत पर बेटे, नाती और बहू ने गाली गलौज देकर मिलकर मारपीट की।