उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक अरुण सक्सेना ने बताया कि बीहड़ की भांडई-उदी रेल लाइन पर तीन एक्सप्रेस ट्रेन चलाई जाएंगी। इस ट्रैक को टूंडला के समानांतर विकसित करने की योजना है। भिंड-इटावा लाइन पर ट्रेन का संचालन शुरू करने के बाद दोनों रेलखंडों में गति सीमा को 90 किलोमीटर प्रतिघंटा तक करने के लिए पांच माह का समय दिया गया है।
आगरा फोर्ट-बांदीकुई रेल ट्रैक का निरीक्षण करने के बाद वह सोमवार को डीआरएम आफिस में मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि एवन श्रेणी के स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे, डीएफएमडी लगाने का काम चल रहा है। बैगेज स्कैनर भी जल्द लगाए जाएंगे। इसके अलावा ट्रेनों में आरपीएफ स्क्वैड बढ़ाए जाएंगे। कोचों में महिला सुरक्षाकर्मी भी बढ़ाई गई हैं। किसी तरह की घटना पर हेल्पलाइन नंबर 182 पर समस्या का तुरंत निस्तारण किया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने डीआरएम कार्यालय पर रिमोट कंट्रोल सेंटर का उद्घाटन भी किया।
‘गतिमान की राह में अभी तकनीकी बाधाएं’
गतिमान एक्सप्रेस के संबंध में उन्होंने बताया कि गतिमान एक्सप्रेस की राह में बहुत सी तकनीकी बाधाएं हैं। 160 किलोमीटर प्रति घंटा की गति बहुत होती है। इसका संचालन कब शुरू होगा, इसका वे स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि ये रेलवे बोर्ड तय करेगा।
जाट आंदोलन में नदबई स्टेशन पर काफी नुकसान
आगरा। महाप्रबंधक ने सोमवार को आगरा कैंट-बिचपुरी और बांदीकुई रेलखंड का निरीक्षण किया। उनके साथ आए मुख्य संरक्षा आयुक्त ने सुरक्षा मानकों को परखा। खेड़ली-नईबई खंड का स्पीड ट्रायल किया गया। उन्होंने मेजर ब्रिज 65 और माइनर ब्रिज 67 को भी देखा। रेल पथ, प्वाइंट्स, सिग्नल प्रणाली, कर्व, रेल समपार फाटकों के साथ ही नदबई रेलवे स्टेशन, रेलवे कालोनी, रिले रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि जाट आंदोलन के दौरान नदबई स्टेशन पर आंदोलनकारियों ने बड़ा नुकसान किया है। निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने आंदोलन में रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ के लिए खेद जताया।