आगरा की सडकों पर स्कूटी और बाइक दौड़ा रहे 18 साल से कम उम्र के छात्र-छात्राओं पर अब कार्रवाई होने जा रही है। पुलिस प्रशासन ने इसकी प्लानिंग तैयार की है। पहले चरण में एसएसपी अमित पाठक की ओर से जिला विद्या निरीक्षक के माध्यम से स्कूलों को पत्र भिजवाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि नाबालिग छात्र-छात्राएं वाहन लेकर स्कूल में आते पकड़े जाते हैं तो प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी होगी।
प्रधानाचार्यो से यह भी कहा गया है कि वे ऐसे छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को स्कूल बुलाकर बताएं कि उनका बच्चा अपनी और दूसरों की जिंदगी जोखिम में डाल रहा है। अगर उससे भी सुधार नहीं आता है तो जल्द ही ऐसे छात्र-छात्राओं पर पुलिस कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी।
पुलिस का प्लान तीन चरणों में है। पहला स्कूलों की ओर से अभिभावकों को जागरुक किया जाना। दूसरा स्कूलों की ओर से खुद कदम उठाया जाना। इसमें 12 वीं कक्षा तक के बगैर ड्राइविंग लाइसेंस के स्कूटी और बाइक लेकर आने वाले छात्र-छात्राओं पर सख्ती करना, उनके वाहनों को स्कूल में प्रवेश न देना।
दूसरे चरण में पुलिस स्कूलों की पार्किंग जाकर देखेगी कि कितने नाबागिल वाहन लेकर आ रहे हैं। स्कूलों की छुट्टी और खुलने के समय चेक किया जाएगा। तीसरे चरण में वाहन चलाने वाले नाबालिगों के एमवी एक्ट में चालान किए जाएंगे।
स्टंटबाजी भी कर रहे हैं बच्चे
आईपीएस अमित पाठक
- फोटो : अमर उजाला
बच्चे सिर्फ बाइक और स्कूटी चला नहीं रहे हैं, स्टंट भी दिखा रहे हैं। एमजी रोड, माल रोड पर रोज शाम को बच्चों को स्टंट करते देखा जा सकता है। ये न हेलमेट पहनते हैं, न ही रफ्तार पर कोई ब्रेक लगाते हैं। एक एक वाहन पर तीन तीन सवार होकर चलते हैं।
एसएसपी अमित पाठक का कहना है कि हम नहीं चाहते कि बच्चों पर कानूनी कार्रवाई की जाए, इसलिए स्कूलों के माध्यम से उन्हें जागरुक किया जा रहा है। इसे नहीं मानते हैं तो पुलिस तो कार्रवाई करेगी ही।
कई स्कूलों ने जारी किए नोटिस
शहर के कई स्कूलों ने इस दिशा में पहले ही कदम उठाया है। हाल में उन बच्चों को नोटिस जारी किए गए हैं जो ड्राइविंग लाइसेंस न होने केबावजूद स्कूल में स्कूटी और बाइक ला रहे हैं। पुलिस की ओर से निर्देश मिल जाने के बाद इसमें और तेजी आ सकती है।
संजय तोमर, अध्यक्ष, एसोसिएशन आफ प्रोग्रेसिव स्कूल्स आफ आगरा का कहना है कि पुलिस की यह अच्छी पहल है, हम इस पर पहले से काम कर रहे हैं, वाहन लाने वाले नाबालिग छात्र-छात्राओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
ऐसे होगी कार्रवाई
पहला चरण : स्कूलों की ओर से अभिभावकों को जागरुक किया जाएगा कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन न दें।
दूसरा चरण : 18 से कम उम्र केविद्यार्थियों के वाहनों को स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
तीसरा चरण : पुलिस स्कूलों की पार्किेग में जाकर खुद चेक करेगी कि नाबालिग बच्चे वाहन तो नहीं ला रहे।
चौथा चरण : स्कूटी और बाइक चलाने वाले छात्र-छात्राओं के एमवी एक्ट में चालान किए जाएंगे।