डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने प्रभारी कुलपति रहे प्रो. विनय पाठक के आर्यभट्ट योजना वाले पुराने नियम पर रोक लगा दी है। अब ग्रेडिंग के आधार पर शोधार्थी आर्यभट्ट बन सकेंगे। सोमवार को जुबली हॉल में हुई बैठक में नई शिक्षा नीति के स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रम भी पास किए गए।
प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने बताया कि नए सत्र से आर्यभट्ट योजना में ग्रेडिंग लागू किया है। इसमें शोध कार्य, एकेडमिक और प्रतिशतता समेत अन्य बिंदु पर अंक निर्धारित किए गए हैं। इनकी योग्यता के अनुसार अंक तय होंगे और उसका कुल योग कर मेरिट के तौर पर आर्यभट्ट नियुक्त हो सकेंगे। पूर्व में इनकी नियुक्ति की सामान्य प्रक्रिया अपनाई जा रही थी।
रिसर्च एडवाइजरी कमेटी की पीएचडी और विश्वविद्यालय के विजन पर भी सभी सदस्यों ने मुहर लगा दी। बैठक में कुलपति प्रो. आशु रानी, कुलसचिव डॉ. विनोद सिंह, प्रो. वीके सारस्वत, प्रो. प्रदीप श्रीधर, प्रो. यशपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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एजेंडा न मिलने पर सदस्यों ने जताया विरोध
विद्या परिषद के एजेंडे न मिलने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। फुपुक्टा अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि पूर्व में किन बातों पर जिक्र हुआ है और क्या एजेंडे हैं, इसकी जानकारी नहीं है। ऐसे में सभी सदस्यों को बैठक से पूर्व एजेंडे की प्रतिलिपि कॉपी दी जाए। बैठक की रिकॉर्डिंग भी नहीं होने से भी सदस्यों ने विरोध जताया। सदस्यों की नाराजगी देख कुलसचिव ने तकनीकी टीम बुलाकर बैठक की रिकॉर्डिंग शुरू करवाई।