भारत सरकार द्वारा चर्म रोग की 16 फिक्स डोज कॉम्बिनेशन दवाओं पर प्रतिबंध लगाने के बाद बाजार में करोड़ों रुपये का स्टॉक फंस गया है। दवा विक्रेता कंपनियों से स्टॉक वापसी के लिए संपर्क कर रहे हैं, जबकि फुटकर दुकानदारों को सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका है।
भारत सरकार ने चर्म रोग की फिक्स डोज कॉम्बिनेशन की 16 दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी है। बाजार में करोड़ों रुपये का स्टॉक है। आगरा फार्मा एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप बंसल ने बताया कि इनके स्टॉक का विवरण जुटा रहे हैं। कंपनी से सीधे खरीदने वालों की दवाएं वापस हो जाएंगी। सबसे ज्यादा नुकसान फुटकर दवा विक्रेताओं का है, इनमें कई दवाएं रैपर में से इक्का-दुक्का बिकने के बाद वापसी नहीं होगी।
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मीडिया समन्वयक पुनीत कालरा और कोषाध्यक्ष हरिओम सिंघल ने बताया कि सभी विक्रेताओं से इन दवाओं की सूची और स्टॉक का विवरण बनाने के लिए कहा गया है। इनको संबंधित कंपनियों से वापसी के लिए संपर्क कर रहे हैं। आगरा रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष ब्रह्मभट्ट ने बताया कि ये कॉस्मेटिक और चर्म रोग की दवाएं हैं।
फुटकर दवा विक्रेताओं का इन दवाओं की सूची बनाने और इनकी बिक्री न करने के लिए अवगत करा दिया है। सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि जिले में करीब आठ हजार थोक-फुटकर दवा विक्रेता हैं। इन सभी से प्रतिबंधित दवाओं की खरीद-बिक्री न करने के लिए कहा है। निरीक्षण में ऐसा पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करेंगे।