एटा। जीटी रोड की दुर्दशा और सावन माह को लेकर प्रशासन ने शहर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया है। लेकिन यह बेअसर है। यात्री वाहन से लेकर माल वाहन (लोडिंग वाहन) तक शहर में बेधड़क घुस रहे हैं। पुलिस और परिवहन महकमा इन पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं। सोमवार को भी यात्री और लोडिंग वाहन प्रतिबंधित रूटों पर रोके नहीं गए। कांवड़ियों की भीड़ के बीच भी भारी वाहन जीटी रोड पर दौड़ते रहे।
पुलिस महकमे की ओर से यातायात व्यवस्था में बदलाव का आदेश 14 जुलाई को जारी किया गया था। इसमें साफ कहा गया कि भारी वाहनों को शहर में जीटी रोड पर नहीं आने दिया जाएगा। बाईपास से होकर सभी वाहनों को गुजरना होगा। इसके लिए एआरटीओ कार्यालय और चौथा मील पर नो एंट्री प्वाइंट बना दिए गए। लेकिन स्थिति यह है कि इन एंट्री प्वाइंट पर निगरानी करने वाला कोई नहीं है।
सोमवार को कांवड़ियों की भीड़ के बीच भारी वाहन जीटी रोड पर दौड़ते रहे। इसके अलावा आगरा रोड, शिकोहाबाद रोड, अलीगंज रोड आदि मार्गों पर भी वाहनों की कमी नहीं रही।
शहर के अंदर जीटी रोड पर भले ही बसों को आने से प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन सोमवार को यहां विभिन्न रूट की बसों की भरमार थी। इसके चलते सामान्य यातायात दबाव में नजर आ रहा था। सुबह के समय कांवड़ियों को भी इनसे दूर चलने में समस्या का सामना करना पड़ा।
ठंडी सड़क की ओर से जीटी रोड पर आने वाले भारी वाहनों की एंट्री प्रतिबंधित की गई है। लेकिन सोमवार को यहां भी आदेश का असर नजर नहीं आ रहा था। गंजडुंडवारा और सहावर से आने-जाने वाली प्राइवेट और रोडवेज बसों से कांवड़ियों को गुजरने में दिक्कत महसूस हो रही थी।
कांवड़ यात्रा को लेकर शहर में रूट डायवर्जन की व्यवस्था लागू की गई है। इसके पालन में कहीं कोई लापरवाही की जा रही है तो संबंधितों को चेतावनी दी जाएगी। व्यवस्था का पूरी तरह पालन कराया जाएगा। जिससे कांवड़ियों को किसी तरह की समस्या न हो।
धनंजय सिंह कुशवाहा, अपर पुलिस अधीक्षक