कासगंज। श्रावण मास में भोले की भक्ति का माहौल तीर्थ नगरी से गंगा घाटों तक बना हुआ है। शिव की भक्ति चारों ओर दिखाई दे रही है, लेकिन भक्ति में शिव भक्तों की श्रद्धा नजर आ रही है। वहीं पल पल उनकी जान का जोखिम भी नजर आ रहा है।
भक्ति में डूबे शिव भक्तों को जान की परवाह नहीं है और वे लगातार जोखिम उठा रहे हैं। खासकर यह जोखिम कांवड़ भरने के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी ज्यादा नजर आ रहा है। क्योंकि ज्यादातर श्रद्धालु अपने अपने स्थानों से लोडर वाहनों को किराए पर लेकर उसमें सवार होकर पहुंच रहे हैं। हालांकि लोडर वाहन सवारियों के लिए प्रतिबंधित हैं, लेकिन इन लोडर वाहनों में कांवड़िए क्षमता से अधिक संख्या में सवार होते हैं और फिर रास्ते भर भक्ति में डूबकर कभी नृत्य करते नजर आते हैं तो कभी वाहन के ड्राइवर केबिन पर चढ़कर बैठ जाते हैं और भगवान भोले नाथ की जय जयकार करते हैं।
भक्ति में डूबे कांवड़िए लोडर वाहनों में यात्रा के दौरान जोखिम को भूल रहे हैं। ऐसे नजारे कासगंज और तीर्थनगरी सोरोंजी के मार्ग पर लगातार नजर आ रहे हैं। जिनमें कांवड़ियों की जान पर जोखिम नजर आ रहा है।