ताज बैलून फेस्टिवल में तीसरे दिन बैलून ने ताजमहल के प्रतिबंधित क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरी। बेशक ताज पर नो फ्लाइंग जोन नहीं है, लेकिन फेस्टिवल के दौरान बैलून को ताज से 500 मीटर दूर रखने की हिदायतें दी गई थीं जो सोमवार सुबह की उड़ान में धरी रह गईं। सोमवार को पीएसी मैदान से दर्जन भर बैलून ने उड़ान भरी। हवा के रुख से ये बैलून खान ए आलम नर्सरी के ऊपर से उड़ान भरते हुए निकले। इनमें से एक 11 सिढ़ी तो दूसरा खंदौली के गांव उजरई में जाकर उतरा। प्रदेश के पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह ने भी बैलून की उड़ान का आनंद उठाया।
सोमवार सुबह पुरानी मंडी के पास पीएसी मैदान से उड़ान भरने के बाद कई बैलून ताज के ऊपर से गुजरे। पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह के साथ शहर के उद्यमियों, व्यापारियों और अधिकारियों ने बैलून में उड़ान भरी और ताज का 2000 फुट ऊंचाई से दीदार किया। शाम को पीएसी मैदान पर म्यूजिकल नाइट हुई, जहां नाइटग्लो कंसर्ट के दौरान रॉक बैंड ने प्रस्तुतियां दीं। बड़ी संख्या में लोग यहां मौजूद रहे। पर्यटन मंत्री को इस कंसर्ट में शामिल होना था, लेकिन वह इससे पहले ही लखनऊ रवाना हो गए।
काशी, मथुरा, अयोध्या में होगा फेस्टिवल
बैलून के जरिए ताजमहल के दीदार के बाद प्रदेश सरकार बैलून फेस्टिवल को काशी, मथुरा और अयोध्या में कराने पर विचार कर रही है। प्रदेश के पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह ने बैलून की सवारी से पहले कहा कि केंद्र सरकार पर्यटन के लिए कोई मदद प्रदेश को नहीं दे रही है, फिर भी प्रदेश सरकार नए आइडिया लेकर पर्यटन विकास में लगी है।