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UP: क्या है बैलिस्टिक जांच...पुलिस की मुठभेड़ का बयां करती है सच, कोर्ट में माना जाता है अहम साक्ष्य

Wed, 02 Jul 2025 09:29 AM IST
धीरेन्द्र सिंह धर्मेंद्र यादव, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

बैलिस्टिक जांच से पुलिस मुठभेड़ की सच्चाई सामने आती है। कोर्ट में इस रिपोर्ट को अहम साक्ष्य माना जाता है। आइये जानते हैं इस रिपोर्ट में क्या होता है....
 
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आगरा पुलिस, पुलिस आयुक्त, agra police, police commissioner - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भाजपा सरकार की अपराध के प्रति जीरो टोलरेंस नीति के तहत आगरा कमिश्नरेट सहित पूरे मंडल में अपराधियों के साथ मुठभेड़ की घटनाएं बढ़ी हैं। इन मुठभेड़ में अपराधियों के अदालत में चलने वाले केसों में साक्ष्य के लिए बैलिस्टिक रिपोर्ट अहम साक्ष्य माना जाता है। फोरेंसिक लैब में बैलिस्टिक रिपोर्ट के केस सबसे ज्यादा पहुंच रहे हैं। कारगिल चौराहे पर हुए सराफ हत्या व लूटकांड के बाद हुई मुठभेड़ की रिपोर्ट भी लैब की ओर से पुलिस प्रशासन को भेजी गई है।
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आगरा की फोरेंसिक लैब में मंडल के मैनपुरी, मथुरा, फिरोजाबाद के केसेज भी पहुंच रहे हैं। आगरा कमिश्नरेट में दो माह में 30 मुठभेड़ हो चुकी हैं। इसी तरह मैनपुरी और फिरोजाबाद में भी दो मुठभेड़ में दो बदमाश मारे गए हैं। आगरा में कारगिल चौराहे पर हुए हत्याकांड व लूटकांड में एक बदमाश मुठभेड़ में मारा गया था, जबकि अन्य पकड़े गए थे। हर मुठभेड़ में गोली किस हथियार से चली, इसके लिए फोरेंसिक लैब में पुलिसकर्मियों और अपराधी के पास से मिले हथियार की बैलिस्टिक जांच की जाती है।

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इसके अलावा मुठभेड़ में अपराधी की मौत होने पर मजिस्ट्रेटी जांच भी होती है। बैलिस्टिक रिपोर्ट में यह परखा जाता है कि मुठभेड़ में किन हथियारों से गोली चली। ऐसे में मुठभे़ड़ में शामिल पुलिसकर्मियों के सभी असलहा जमा कराए जाते हैं। उनकी जांच होती है। इसके बाद रिपोर्ट दी जाती है। कारगिल हत्याकांड में हुई मुठभेड़ के लिए भी हथियार लैब भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट दी जा चुकी है। मैनपुरी व फिरोजाबाद मुठभेड़ों में इस्तेमाल हथियारों की बैलिस्टिक रिपोर्ट अभी लंबित है।

 

आगरा कमिश्नरेट में हो रहीं ताबड़तोड़ मुठभेड़ों में इस्तेमाल असलहा की जांच भी फोरेंसिक लैब में की जा रही है। इनमें अपराधियों के घायल होने की घटनाएं होती हैं। इन हथियारों की रिपोर्ट दो से तीन दिन में दी जा रही है। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि मुठभेड़ में बैलिस्टिक की जांच रिपोर्ट बहुत अहम होती है। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए यह न्यायालय में अहम साक्ष्य है।

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बैलिस्टिक में होती हैं ये जांचें
-गोली का आकार व प्रकार: किस प्रकार की गोली का प्रयोग किया गया।
- किस प्रकार की बंदूक- यह हथियार की प्रकृति दर्शाता है।
- गोली लगने की दूरी व कोण: गोली कितनी दूरी से चलाई गई, किस कोण से चलाई गई। गोली लगने के निशान की जांच। खोखे मिलने के स्थल की जांच, फिंगर प्रिंट आदि की जांचें होती हैं।
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