कासगंज। गंगा के तटवर्ती इलाकों में हर साल बाढ़ के साथ कटान का खतरा रहता है। इस बार भी पटियाली तहसील के गांव रिकहरा के समीप गंगा की धारा ने तेज कटान किया। यह क्षेत्र बदायूं सिंचाई विभाग की सीमा का है। रिकहरा के ग्रामीणों ने कटान की जानकारी पटियाली तहसील को दी। जहां से सूचना सिंचाई विभाग बदायूं को दी पर अभी तक बदायूं सिंचाई खंड ने कटानरोधी कोई कार्य नहीं किया है।
पटियाली तहसील क्षेत्र के गंगा का इलाका कटान के लिए संवेदनशील है। पिछले समय में इस क्षेत्र में काफी कटान हुआ है। रिकहरा के समीप ही सिंचाई विभाग के द्वारा एक बंधा बनाया गया। बंधे के पास से ही कटान की गति बढ़ी है। सितंबर माह तक बाढ़ और कटान की संवेदनशीलता बनी हुई है। ऐसे में रिकहरा व आसपास के ग्रामीण इलाकों के ग्रामीण चिंतित हैं।
घटा पानी पर बरकरार रहेगी निगरानी
बैराजों से पानी का दबाव कम होने के बाद कछला गंगानदी में जलस्तर कम हो गया है। बरसात के मौसम में बाढ़ के खतरे की आशंका बरकरार है। इसको लेकर सिंचाई विभाग की सतर्कता भी बनी हुई है। अधिकारी संभावित बाढ़ और कटान के खतरे के मद्देनजर निगरानी कर रहे हैं।