दो घंटे किया इंतजार, नहीं आए डॉक्टर
जगवीर पत्नी के साथ बच्ची को लेकर पांच नंबर कक्ष में पहुंचा तो यहां बालरोग विशेषज्ञ नहीं थे। करीब दो घंटे तक जगवीर बच्ची को लेकर डॉक्टर का इंतजार करता रहा। इंतजार के बाद भी जब डॉक्टर नहीं आए तो वह एक बार फिर बच्ची को लेकर इमरजेंसी पहुंचा।
इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर और स्टाफ ने फिर से बच्ची को उपचार नहीं दिया और बाल रोग विशेषज्ञ के पास सौ शैया अस्पताल में जाने को कहा। जब जगवीर सौ शैया अस्पताल पहुंचा तो यहां से बच्ची की गंभीर हालत देखते हुए फिर इमरजेंसी के लिए रेफर कर दिया गया। करीब साढ़े 12 बजे तक बच्ची को कोई उपचार नहीं मिल सका और उसकी मौत हो गई।
इमरजेंसी के रिकॉर्ड में बच्ची को मृत दर्शाया
बच्ची की मौत के बाद जिस इमरजेंसी में पहले बच्ची को देखा नहीं गया था, वहीं बच्ची को मृत दर्शाते हुए रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया। मामले में सीएमएस से जानकारी चाही गई तो वह अपने कक्ष में मौजूद नहीं मिले। स्टॉफ ने बताया गया कि सीएमएस अवकाश पर हैं। उनका फोन भी लगाया गया, कॉल रिसीव नहीं हुआ।
सीएमओ डॉ. पीपी सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है, सीएमएस जिला अस्पताल और सीएमएस सौ शैया अस्पताल दोनों को पत्र जारी किया जा रहा है। आखिर बच्ची को भर्ती कर उपचार क्यों नहीं दिया गया, जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी उसके विरुद्ध कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।