आगरा के मलपुरा में शुक्रवार तड़के हुए बस हादसे ने छह महीने की अबोध गहना को अनाथ कर दिया। उसको गोद में खिलाने वाली न मां बची और न ही पिता। उसे अस्पताल लाया गया तो उसको संभालने वाला भी कोई नहीं था। बस में सवार नाना भी घायल पड़े थे।
बताया गया है कि कानपुर नगर के धिमऊ निवासी इंद्रजीत आईटीबीपी में जवान थे। उनकी तैनाती दिल्ली में थी। कुछ दिन पहले तैनाती गुवाहाटी में हुई थी। 15 दिन पहले छुट्टी पर आए थे। उसकी पत्नी रिंकी के पिता प्रहलाद औरैया के कल्लू की बस पर परिचालक का काम करते थे। पिता के बस से धार्मिक यात्रा पर निकलने की जानकारी पर रिंकी ने पिता को फोन किया।
यात्रा पर साथ चलने के लिए बोल दिया। दो दिन पहले पहले रिंकी और उसका पति आ गए। उनके साथ छह महीने की बच्ची गहना भी थी। दस दिन बाद लौटना था। मगर, हादसे में इंद्रजीत और रिंकी की मौत हो गई। अबोध गहना मां की गोद में सो रही थी। हादसे के बाद उसे भी चोट लगी।
मगर, उसकी जान बच गई। गहना का इलाज एसएन मेडिकल कालेज में चल रहा है। सामाजिक संस्था के पदाधिकारियों ने बच्ची के इलाज में मदद की। घटना की जानकारी पर रिंकी की मां श्यामा आ गईं। उनका रो-रोकर बुरा हाल था। रिंकी की शादी को दो साल हुए थे।