पुरुषों के साथ बीते दिनों हुई घटनाओं से सिर्फ पुरुष ही नहीं महिलाएं भी असमंजस में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि अचानक से पुरुषों के साथ होने वाली घटनाओं की संख्या क्यों बढ़ रही है। पर, किसी पुरुष आयोग की जरूरत नहीं है, बस महिलाएं बेटियों की ससुराल में हस्तक्षेप बंद कर दें। समस्या खुद समाप्त हो जाएगी। यह कहना है राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान का।