योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि आज धर्म के ठेकेदार देश को बांटने की साजिश रच रहे हैं। राजनेताओं ने समाज को खंड-खंड कर डाला।
लोगों में देश भक्ति का भाव न होकर अपने धर्म और जाति का भाव आ गया है। बाबा रामदेव ने संत समाज से अपील किया कि वह समाज को संगठित करने के लिए आगे आएं।
शनिवार को मथुरा के रमणरेती में आयोजित गुरु कार्ष्णि गोपाल जयंती महोत्सव के दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि ‘जाति’ के नाम पर आज पूरे देश में आग लगी हुई है। जिसे देखो वही धर्म का ठेकेदार बना हुआ है।
राजनेता भी समाज को विभाजित करके रखना चाहते हैं। संत-महंतों तक में जाति के आधार पर भेदभाव एवं ठेकेदारी चल रही है। इस जातीय भेदभाव से देश का बहुत नुकसान हो रहा है।
‘सब जाति समान-सब जाति महान’ का नारा देते हुए योग गुरु ने कहा कि आज ऐसे में संत-ऋषियों एवं महापुरुषों को जातीय भेदभाव समाप्त करने के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि हमने जातीय भेदभाव पैदा न किया होता तो आज देश में एक भी मुसलमान तथा ईसाई न होता। उन्होंने कार्ष्िण पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी गुरुशरणानंद महाराज को इस आयोजन के लिए बधाई दी।
'जातीय द्वेष के कारण ही देश बंटा'
जूनागढ़ पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि जन्म से ही सभी सिद्धियां, विशेषताएं प्राप्त नहीं होती हैं। उन्हें तो अपने जप, तप, संयम, नियम, अभ्यास तथा कठोर परिश्रम द्वारा प्राप्त किया जाता है, जिसे हर मनुष्य प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि जातीय द्वेष के कारण जिन्ना तथा अंबेडकर को तत्कालीन पुरोहितों ने नहीं अपनाया, जिसके कारण देश बंटा तथा अंबेडकर को बौद्ध धर्म अपनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज इन ऐतिहासिक भूलों को सुधारने का वक्त है।