डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने बीएड द्वितीय वर्ष की प्रायोगिक परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके साथ ही महाविद्यालयों और परीक्षकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। साथ ही अब प्रायोगिक परीक्षा में ओटीपी सत्यापन के बाद ही अंक अपलोड होंगे।
बीएड द्वितीय वर्ष की प्रायोगिक परीक्षा में नियमित एवं पूर्व छात्र अपने महाविद्यालय अथवा निर्धारित नोडल केंद्र पर शामिल होंगे। परीक्षा के लिए अन्य संस्थानों से नियुक्त परीक्षकों की सूचना विश्वविद्यालय की ओर से संबंधित महाविद्यालयों और परीक्षकों को उपलब्ध कराई जाएगी। प्रायोगिक परीक्षा के संचालन के लिए एक आंतरिक परीक्षक और दो अन्य संस्थानों के परीक्षकों की व्यवस्था है।
विश्वविद्यालय ने आंतरिक परीक्षक संबंधित महाविद्यालय से ही नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके लिए महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय से अनुमोदित बीएड शिक्षकों में से एक शिक्षक का नाम प्रस्तावित करना होगा। संबंधित शिक्षक के अनुमोदन पत्र, नियुक्ति पत्र, ज्वाइनिंग लेटर, पिछले पांच वर्षों के वेतन भुगतान का बैंक स्टेटमेंट और अनुभव प्रमाण पत्र सहित आवश्यक अभिलेख 10 जून तक परीक्षक निर्धारण समिति के कार्यालय में जमा कराने होंगे। समय पर दस्तावेज जमा नहीं करने वाले महाविद्यालयों को आंतरिक परीक्षक के लिए इच्छुक नहीं माना जाएगा।
इसके अलावा अन्य संस्थान से नियुक्त परीक्षक की ओर से अपलोड किए गए अंकों की हार्डकॉपी तथा उपस्थिति पत्र परीक्षा समाप्त होने के दो कार्य दिवस के भीतर विश्वविद्यालय में जमा कराना अनिवार्य होगा।
ओटीपी का होगा सत्यापन
परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। महाविद्यालय की लॉगिन आईडी पर अंक अपलोड करने से पहले अन्य संस्थान से नियुक्त परीक्षक के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। ओटीपी सत्यापन के बाद ही अंक ऑनलाइन दर्ज किए जा सकेंगे।
5 मिनट का देना होगा वीडियो
विश्वविद्यालय ने प्रायोगिक परीक्षा के दौरान कम से कम पांच मिनट का वीडियो अथवा पांच फोटोग्राफ अपलोड करना भी अनिवार्य किया है। यह सामग्री अवार्ड लिस्ट और उपस्थिति पत्रक के साथ ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। निर्देशों के अनुसार यदि किसी परीक्षार्थी को 80 प्रतिशत से अधिक अंक दिए जाते हैं तो उससे संबंधित सभी अभिलेख महाविद्यालय को सुरक्षित रखने होंगे। आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालय इन अभिलेखों की मांग कर सकता है।