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यूपीः अब नहीं बचेंगे फर्जी शिक्षक, विश्वविद्यालय ने सार्वजनिक की 4704 अभ्यर्थियों की सूची

Sun, 29 Dec 2019 07:41 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीएड सत्र 2004-05 फर्जीवाड़े में बड़ा कदम उठाया है। विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) की ओर से उपलब्ध कराई 4704 छात्र-छात्राओं की सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। तीन समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर सूची में शामिल अभ्यर्थियों से 15 दिन के अंदर जवाब मांगा है। जवाब न देने वाले छात्रों की अंकतालिकाएं निरस्त कर दी जाएंगी।
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विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की ओर से छह दिसंबर 2019 को लिए गए निर्णय के अनुसार एसआईटी से प्राप्त तीन श्रेणी के छात्रों की सूची 28 दिसंबर की शाम को विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.dbrau.org.in पर डाल दी गई है।

तीन श्रेणी बनाई गई हैं। इसमें फर्जी छात्रों की सूची, टेंपर्ड छात्रों की सूची और एक ही रोलनंबर पर परीक्षा देने वाले एक से अधिक छात्रों की सूची है। विज्ञापन के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन बीएड सत्र 2004-05 के छात्र-छात्राओं को सूचित किया गया है कि वह वेबसाइट पर जाकर अपना नाम देख लें। जिन छात्र-छात्राओं के नाम और रोलनंबर सूची में शामिल हैं, उनको प्रत्यावेदन देना है।
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निर्धारित फार्मेट पर 17 बिंदुओं पर जानकारी मांगी
एसआईटी की सूची में जिन अभ्यर्थियों के रोलनंबर शामिल हैं उनको विश्वविद्यालय प्रशासन के निर्धारित फार्मेट पर 17 बिंदुओं पर सूचना देनी होगी। इसमें छात्र-छात्रा का नाम, स्थायी व पत्र व्यवहार का पता, प्रवेश परीक्षा का अनुक्रमांक, जिस कॉलेज में प्रवेश लिया उसका नाम, प्रवेश काउंसिलिंग व प्रबंधक कोटे से हुआ, काउंसिलिंग संख्या, प्रबंधकीय कोटे में प्रवेश सूची में स्थान, प्रवेश के समय शुल्क जमा करने का साक्ष्य, छात्रवृत्ति मिलने का साक्ष्य, नामांकन संख्या, मुख्य परीक्षा 2005 का रोलनंबर, परीक्षा केंद्र का नाम, प्रवेशपत्र की फोटो कॉपी, स्वप्रमाणिक अंक तालिका, अस्थायी प्रमाणपत्र जारी किया गया तो उसकी संख्या, मूल उपाधि का विवरण क्रमांक संख्या, अन्य कोई विवरण हो तो उसे भी देना हैं।

कुलसचिव के मुताबिक विश्वविद्यालय वेबसाइट पर सूचना अपलोड करनी होगी। हार्डकॉपी शील्ड लिफाफे में पंजीकृत/स्पीडपोस्ट डाक से कुलसचिव डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय को भेजनी है। फार्मेट को
संबंधित कॉलेज से अग्रसारित भी कराना होगा।
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प्रत्यावेदन न देने वालों पर होगी एकतरफा कार्रवाई
एसआईटी की सूची के आधार पर समाचार पत्रों में विज्ञापन दे दिया गया है। प्रत्यावेदन न देने वालों पर एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए अंक तालिका निरस्त कर दी जाएगी। जो अभ्यर्थी प्रत्यावेदन देंगे, उसकी जांच करके निर्णय लिया जाएगा। -कैलाश नाथ सिंह, कुलसचिव, विश्वविद्यालय   

पहली बार सार्वजनिक की गई सूची
एसआईटी की ओर से विश्वविद्यालय प्रशासन को वर्ष 2017, वर्ष 2018 में भी फर्जी व टेंपर्ड छात्रों की सूची उपलब्ध कराई गई थी। पहली बार इसको सार्वजनिक किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वाले एसआईटी की सूची में शामिल शिक्षकों को विभाग ने नोटिस जरूर जारी किए, पर उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए थे।

267 पन्नों की है सूची
एसआईटी की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची 267 पन्नों की है। फर्जी छात्रों की सूची 201 पन्ने, टेंपर्ड की 61 पन्ने और एक रोलनंबर पर एक से अधिक छात्रों की सूची पांच पन्ने की है।
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