रुनकता के अकबरा गांव में मेडिकल कॉलेज बनेगा। इसके लिए प्रशासन ने 13.8 एकड़ जमीन आवंटित कर दी है। इसमें आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और प्राकृतिक चिकित्सा की पढ़ाई होगी। यहां बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस), बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएचएमएस), बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (बीयूएमएस), बैचलर ऑफ नेचुरोपेथी एंड योगिक साइंसेज (बीएनवाईएस) और डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स संचालित होंगे।
चारों पैथी के लिए 100-100 बेड के हॉस्पिटल होंगे। पढ़ाई के लिए 100-100 सीटें भी होंगी। अभी तक 60-60 सीटों का ही प्रस्ताव था। आयुष मंत्रालय की टीम निरीक्षण करेगी। जल्द ही लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर जाकर निरीक्षण कर डीपीआर बनाएगी। इस रिपोर्ट को शासन के लिए भेजा जाएगा। इसके आधार पर बजट तय होगा। क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. एमएस आलम ने बताया कि शासन का सीट बढ़ाकर 100-100 करने की योजना है। जल्द इसकी डीपीआर भी बनाई जाएगी।
पांच जिलों में खुलेंगे आयुष मेडिकल कॉलेज
प्रदेश में पांच जिलों में आयुष मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। इसमें आगरा, मेरठ, गोंडा, मिर्जापुर और बस्ती हैं। आगरा में भूमि आवंटित हो गई है। मेडिकल कॉलेज खुलने से छात्रों के लिए बड़ी सुविधा हो जाएगी। आयुर्वेद विशेषज्ञों की संख्या बढ़ेगी। मरीजों को भी सस्ता और बेहतर इलाज मिल सकेगा।